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इन पांच तरीकों से जानिए किस मंजिल पर खरीदें घर

आप जिस फ्लोर में घर खरीद रहे हों, उसकी सुरक्षा, फायर सेफ्टी जैसे तमाम मामलों की जांच पड़ताल कर लें।
अपडेटेड Jan 09, 2020 पर 19:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश के मेट्रो शहरों में अब गगनचुंबी इमारतें बन रही हैं। शहरों की बढ़ती आबादी को घर मुहैया कराने के मकसद से रियल एस्टेट डेवलपर्स लग्जरी और किफायती श्रेणियों में हाई राइज प्रोजेक्ट्स बना रहे हैं। ऐसे में अगर आप कन्फ्यूज हो रहे हैं कि घर खरीदने के लिए कौन सी मंजिल (Floor) बेहतर रहेगी। तो आप रिपोर्ट को जरूर पढ़िए। आपको घर की मंजिल (खंड) तय करने में मदद मिलेगी। 


1 – सुरक्षा और प्राइवेसी :-


अगर सुरक्षा के नजर से देखते हैं तो ऊपरी मंजिल की अपेक्षा निचली मंजिल को कम सुरक्षित माना जाता है। इसकी वजह ये है कि ग्राउंड फ्लोर या निचली मंजिल तक लोग सानी से पहुंच जाते हैं। ऐसे में अगर आपको निचली मंजिल चाहिए तो उसकी सुरक्षा के दृष्टिकोण से भलीभांति उसे परख लें। जानकारों का मानना है कि अगर आपकी बिल्डिग भीडभाड़ वाले इलाके में है तो निचली मंजिल में शांति कम रहेगी। लिहाजा अगर शांत वातावरण चाहते हैं तो ऊपरी मंजिल को खरीदने में प्राथमिकता दें।


2 – फायर सेफ्टी:- 


अगर आप ऊपरी मंजिल में घर खरीदना चाहते हैं तो फायर सेफ्टी जरूर देख लें। साथ ही चेक करें कि बिल्डर को Occupancy Certificate (OC) मिला है या नहीं। फायर डिपार्टमेंट (अग्निशमन विभाग) से मंजूरी मिलने के बाद ही बिल्डर को OC मिलता है। यानी OC पर पता चल सकता है कि यहां फायर सेफ्टी है।


3 – रेंटल रिटर्न्स (किराये पर घर)


अगर आप निवेश के मकसद से घर खरीद रहे हैं तो आपके निचली मंजिल बेहतर हो सकत है। क्योंकि अगर आप घर खरीद कर से किराये पर देना चाहते हैं तो भारत जैसे देश में ज्यादातर लोग निचली मंजिल का घर पसंद करते हैं। सलिए आप हाईराइज बिल्डिंग में निचली मंजिल को प्राथमिकता दें। अधिक ऊप रहोने पर किराये से लोग कम लेते हैं। क्योंकि भारत में लोग ज्दातर जमीन के पा सरहना पसंद करते हैं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के लोग ऊपरी मंजिल पसंद करते हैं। जबकि चेन्नई, दिल्ली एनसीआर में लोग ग्राउंड फ्लोर पसंद करते हैं। इसकी वजह जलवायु का अलग-अलग होना है।


4 - Floor deviations


अगर आप किसी बिल्डिगं में टॉप का मंजिल यानी सबसे ऊपरी मंजिल खरीद रहे हैं तो बिल्डर से उस मंजिल के डॉक्यूमेंट्स सही तरीके से चेक कर लें। कभी-कभी बिल्डर को अगर 7 मंजिल की इमारत बनाने की मंजूरी मिलती है तो 8 मंजिल की बना देते हैं। ऐसे में 8 मंजिल की इमारत की पूरी तरह से अवैध है। लिहाजा अगर आप टॉप फ्लोर खरीद रहे तो पूरी सावधानी बरतें।


5 - Power consumption (बिजली की खपत)


हाई राइज़ इमारतों में ऊपरी मंजिल के मुकाबले निचले मंजिल के घर ठंड़े होते हैं। ऐसे में निचली मंजिल में बिजली खर्च कम होगी। इसका कारण यह है कि अगर आपका घर ऊपरी मंजिल में है तो गर्मी भी लग सकती है। लिहाजा ठंडा बनाए रखने के लिए एसी लगना पड़ सकता है। जिससे बिजली की खपत बढ़ेगी। इसके अलावा अगर आपको पानी पहुंचाना है तो मोटर पंप लगाना पड़ेगा। जिससे बिजली की खपत बढ़ेगी। 
  
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