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क्या आपके माता-पिता आपको अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं?

क्या भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं? क्या है कानूनी पहलू?
अपडेटेड Jul 23, 2019 पर 14:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में हमारे रहन-सहन के अनुसार वयस्कों का अपने माता-पिता के साथ उनके घर में रहना सामान्य है। यहां माता-पिता अपनी वयस्क संतानों का खर्च उठाते हैं, उन्हें अपने ही घर में रखते हैं। HSBC की एक रिपोर्ट में सामने आया था कि भारत में लगभग 55 फीसदी माता-पिता अपने संतानों के वयस्क होने के बावजूद उनका खर्च उठाते हैं।


कल्चर के हिसाब से भारत में माता-पिता का अपने बच्चों को अपने घर से बाहर निकालना अमूमन कम होता है। लेकिन इसका कानूनी पहलू क्या है? क्या भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं?


अपने बच्चों को बेदखल कब कर सकते हैं माता-पिता?


वयस्क संतान अपने माता-पिता के साथ तभी रह सकती है, जबतक माता-पिता खुद चाहें। 2016 में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि एक वयस्क व्यक्ति चाहे वो शादीशुदा हो या नहीं, अपनी माता-पिता की दया पर ही उनके घर पर रह सकता है, उसका उनके घर पर कोई कानूनी हक नहीं है।


वहीं, अगर बच्चे माता-पिता का शोषण करते हैं तो माता-पिता के पास अधिकार है कि वो अपने बच्चों को प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं। ये एविक्शन बेटे-बेटी से लेकर बहू और दामाद पर भी लागू होता है।


खुद से बनाई गई प्रॉपर्टी हो, ये जरूरी नहीं


2017 में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि माता-पिता शोषण किए जाने के ग्राउंड पर अपने बच्चों को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं, प्रॉपर्टी का टाइप अहमियत नहीं रखता। प्रॉपर्टी खुद से खड़ी की गई हो, विरासत में मिली हो या किराए की हो। जबतक इसका कानूनी अधिकार माता-पिता के पास है, तबतक वो अपने बच्चों को इससे बेदखल कर सकते हैं।


बेदखली के बाद बच्चों का क्या अधिकार है?


अगर प्रॉपर्टी सेल्फ-अक्वायर्ड है यानी माता-पिता ने खुद वो प्रॉपर्टी खड़ी की है, तो बच्चों का बेदखली के बाद इस प्रॉपर्टी पर कोई अधिकार नहीं होगा। माता-पिता पर निर्भर करता है कि वो अपने बच्चों को अपनी वसीयत में शामिल करते हैं या नहीं।


हालांकि, अगर वो घर विरासत में पुरखों से मिला हुआ है, तो फिलहाल के लिए भले ही माता-पिता बच्चों को निकाल दें लेकिन वो उन्हें वसीयत से निकाल सकते। माता-पिता की मृत्यु के बाद बच्चों के पास अपने आप प्रॉपर्टी का कानूनी हक आ जाएगा।