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रियल एस्टेट गाइड: कैसा है बंगलुरू का प्रोजेक्ट प्रिस्टीन

प्रकाशित Sat, 07, 2018 पर 19:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दक्षिण भारत की सिलिकॉन सिटी बंगलुरू मेट्रोपॉलिटन सिटी बंगलुरू भारत के उन चुनिंदा शहरों में एक है जो कई मामलों में भारत का प्रतिनिधित्व करता है। बंगलुरू एचएएल, एनएएल और बीएचईएल समेत कई पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग यानि पीएसयू के मुख्यालय हैं तो वहीं इंफोसिस, विप्रो जैसी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ ही 6 अलग अलग कॉरीडोर में यहां ढेरों आईटी कंपनियां के भी मुख्यालय भी काबिज हैं। बंगलुरू सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भारत के अन्य शहरों से काफी आगे है। साउथ वेस्टर्न रेलवे का डिवीजनल हेडक्वॉटर होने के चलते ये शहर रेलवे के जरिए भारत के तकरीबन सभी मुख्य शहरों से जुड़ा है। वहीं बंगलुरू का इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत ही नहीं दुनिया के कई शहरों को जोड़ता है, बंगलुरू में पूरे शहर का रोड नेटवर्क भी काफी उम्दा है।


कई फेज में बन रहा इस शहर का रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानि नम्मा मेट्रो का पहला फेज इस्तेमाल में है तो वहीं बाकी कई फेजेज में काम जारी है। यानि कनेक्टिविटी और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में बंगलुरू अभी देश के कई शहरों के लिए मिसाल है। इन्हीं सब वजहों के चलते बंगलुरू में रोजगार के ढेरों अवसर हमेशा बने रहते हैं खासकर आईटी इंडस्ट्री के लोगों के लिए। लोगों की बढ़ती आबादी से इस शहर में घरों की मांग लगातार बढ़ती रही है जिसके चलते बंगलुरू का रियल एस्टेट मार्केट काफी फलता फूलता रहा है। यहां सोभा, एंबेसी, ब्रिगेड, प्रेस्टीज जैसे बड़े डेवलपर्स के अलावा कई मीडियम साइज और छोटे डेवलपर्स भी हैं जो दिन ब दिन इस शहर की स्काई लाईन को बदलने का काम कर रहे हैं।


बंगलुरू के नामचीन डेवलपर एंबेसी ग्रुप 1993 में शुरू हुआ एंबेसी ग्रुप आज दक्षिण भारत समेत देश के बड़े डेवलपर्स में शुमार हैं। कंपनी के सीएमडी जीतू विरवानी की लीडरशिप में एंबेसी ग्रुप ने अब तक कमर्शियल, रेजीडेंशियल, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और बिजनेस पार्क्स समेत हर सेगमेंट में कुल 45 मिलियन वर्गफुट काम किया है। वक्त पर डिलीवरी और क्वालिटी कंसट्रक्शन के चलते एंबेसी ग्रुप ने रियल एस्टेट सेक्टर में एक अलग ही इमेज बनाई। बढ़ते वक्त के साथ भारत में बंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, कोयम्बटूर समेत सर्बिया और मलेशिया तक एंबेसी ग्रुप ने अपना दायरा कायम किया।


कंपनी के पास देशभर में 1 हजार एकड़ से भी ज्यादा का लैंड बैंक है जिस पर भविष्य की योजनाएं प्लान की जा रही हैं। एंबेसी ग्रुप के पोर्टफोलियो में कई वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट हैं जहां 500 से ज्यादा कंपनियां काबिज हैं। कंपनी अपने हर प्रोजेक्ट में कुछ अलग करने की कोशिश करती है साथ ही कंस्ट्रक्शन में पर्यावरण का भी कास ध्यान रखा जाता है। एंबेसी ग्रुप ने रियल एस्टेट सेक्टर में कई बेंचमार्क सेट किए है। इनमें 2008 में बना स्टोनहिल इंटरनेशनल स्कूल है। 33 एकड़ के कैंपस वाले इस स्कूल में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी है जहां प्राइमिरी ईयर प्रोग्राम समेत मिडिल ईयर और डिप्लोमा प्रोग्राम्स भी हैं। इसके अलावा सोशल जिम्मेदारी निभाते हुए एंबेसी ग्रुप 17 सरकारी स्कूलों को भी सपोर्ट कर रहा है। एंबेसी ग्रुप के वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट और बेहतरीन मैनेजमेंट के चलते ग्राहकों में एक भरोसा कायम किया है।


एंबेसी ग्रुप का प्रोजेक्ट प्रिस्टीन आउटर रिंगरोड पर सरजापुर जंक्शन से महज एक किलोमीटर की दूरी पर मौजूद प्रिस्टीन लोकेशन के मामले में काफी बेहतर है, यहां बेहतरीन सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर है मसलन, वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल्स, मॉर्डन स्कूल्स, आई टी पार्क्स तो वहीं दूसरी ओर मौजूद है कई एकड़ में फैला डिफेंस फॉरेस्ट और दूर तक फैली बेलन्दूर लेक। प्रिस्टीन लोकेशन के लिहाज से जितना बेहतरीन है उतनी ही खूबसूरती के साथ इस प्रोजेक्ट को प्लान किया गया है। प्रिस्टीन को 14.5 एकड़ की जमीन पर बनाया गया है जहां 12 और 13 मंजिल के कुल 9 टॉवर्स हैं। प्रिस्टीन को मिनिमम डेंसिटी के साथ प्लान किया गया है इस लिहाज से पूरे प्रोजेक्ट का करीब 80 फीसदी हिस्सा ओपन है और हर एकड़ पर सिर्फ 30 युनिट प्लान की गई हैं।


प्रिस्टीन में कुल 424 घर हैं जिनमें 3, 4 और 5 बेडरूम की कॉन्फिग्रेशन रखी गई है। इनमें हर साइज के घर हैं मसलन, 3 बेडरूम में 1907, 2158 और 2666 वर्गफुट के फ्लैट हैं तो वहीं 4 बेडरूम में 2589, 2912, और 3596 वर्गफुट तक के बड़े घर हैं वहीं सबसे बड़े घरों की बात की जाए तो 5 बेडरूम में  3014 वर्गफुट से लेकर 5384 वर्गफुट तक 6 अलग अलग साइज के घर हैं। प्रिस्टीन का लेआउट इस तरह से प्लान किया गया है कि हर घर से या तो ग्रीनरी नजर आती है या फिर खूबसूरत बेलन्दूर लेक जो घर अंदर की ओर फेस कर रहे हैं उन घरों को व्यू मिलता है टॉवर्स के बीच बने लैंड स्केप का।


इस प्रोजेक्ट को जो सबसे खास बनाता है, वो है प्रिस्टीन की वर्ल्ड क्लास एमिनिटीज। यहां जमीन के हर हिस्से का काफी अच्छी तरह से इस्तेमाल किया गया है। टॉवर्स के बीच एक कोने से दूसरे कोने तक काफी बड़ा ग्रीन पोर्शन डिजाइन किया गया है जहां छोटे बच्चों के लिए किड्स प्ले एरिया है, बुजुर्गों के लिए सीनियर सीटीजन एरिया, एंफी थियेटर, खूबसूरत फाउंटेंस जॉगिंग ट्रैक। बाहरी हिस्सों में फुटबॉल ग्राउंड और क्रिकेट पिच भी बनाई गई है। प्रिस्टीन में पेट्स को घुमाने के लिए भी अलग से जगह लोकेट की गई है।


इसके अलावा रेजीडेंट्स के मनोरंजन के लिए यहां एक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और 65000 वर्गफुट में क्लब प्लान किया गया है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बॉस्केटबॉल, स्क्वॉश कोर्ट, मॉर्डन जिम्नेजियम, स्वीमिंग पूल, स्टीम और सौना बाथ जैसी सुविधाएं हैं तो वहीं दूसरी ओर क्लब बिल्डिंग में काफी बड़ा पार्टी हॉल बनाया गया है, वर्चुअल गोल्फ है, लाइब्रेरी टीवी रूम के साथ ही कैफेटेरिया है। यही नहीं क्लब बिल्डिंग में भी काफी बड़ा स्वीमिंग पूल, योगा रूम, इनडोर गेम्स के साथ ही पूरी तरह से तैयार रेस्त्रां भी है जहां आप तरह तरह की लज़ीज डिशेज का मज़ा भी ले सकते हैं।


इसके अलावा प्रिस्टीन में रेजीडेंट्स की सुरक्षा को लेकर भी खास ध्यान दिया गया है। पूरा प्रोजेक्ट सीसीटीवी की निगरानी में है तो वहीं मेन गेट समेत हर टॉवर में ढेर सारे सिक्योरिटी गार्ड्स हैं। आजकल गाड़ियों की पार्किंग एक बड़ी समस्या है लेकिन प्रिस्टीन में कई स्तर की पार्किंग दी गई है। इसके अलावा अलावा पर्यावरण सुरक्षा के मानकों पर भी प्रिस्टीन पूरी तरह से खरा उतरता है। यहां सीवेज और वेस्ट मैनेजमेंट के इंतजाम किए गए हैं तो वहीं इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की ओर से प्रिस्टीन को गोल्ड रेटिंग दी गई है।