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प्रॉपर्टी गुरूः दिल्ली-एनसीआर में अर्फोडेबल हाउसिंग का जोर

प्रकाशित Fri, 19, 2019 पर 15:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रॉपर्टी गुरू में आज इंडिया रियल एस्टेट गाइड स्पेशल में कहां घरों की डिमांड बढ़ी है या कहां घटी है। इसके पीछे की वजहों पर चर्चा करेंगे। इसमें सीएनबीसी-आवाज़ का फोकस अर्फोडेबल हाउसिंग पर है। दिल्ली एनसीआर में इस समय घरों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है वह भी अर्फोडेबल हाउसिंग सेगमेंट में ज्यादा तेजी रही है। ऐसा क्यों और कैसे हो रहा है इस पर चर्चा करने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ जुड़ रहे हैं सिग्नेचर ग्लोबल के फाउंडर चेयरमैन, प्रदीप अग्रवाल, ट्यूलिप इंफ्राटेक के एमडी और चेयरमैन प्रवीण जैन और लाइसिस फोरास के एमडी पंकज कपूर।


प्रवीण जैन का कहना है कि रेरा के आने से पारदर्शिता बढ़ी है। अब सरकार की नीतियों की वजह से इस सेगमेंट में डिमांड बढ़ी है और अर्फोडेबल हाउसिंग सेगमेंट में अप्रूवल मिलना ज्यादा आसान हुआ है जिसकी वजह इस सेगमेंट में काम अधिक हो रहा है।


अर्फोडेबल हाउसिंग के जोर पकड़ने की वजह बताते हुए प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि अब एंड यूजर इस सेगमेंट में सीधे घर खरीद रहे हैं। पहले डेवलपर प्रीमियम सेगमेंट में ज्यादा काम करते रहे हैं परंतु रियल एस्टेट को इस समय जो तेजी मिली है वो अर्फोडेबल हाउसिंग में बढ़ते एंड यूजर के रूझान के कारण ही संभव हुई है इसलिए बड़े डेवलपर भी अर्फोडेबल हाउसिंग पर फोकस कर रहे हैं। जो कि उद्योग के लिए अच्छा संकेत है।


सेगमेंट आये सुधार के बारे पंकज कपूर ने बताया कि अर्फोडेबल हाउसिंग में सरकार द्वारा जीएसटी 1 प्रतिशत किये जाने और रेरा की नीतियों के कारण तेजी देखने को मिल रह है। हालांकि पहले की अपेक्षा दिल्ली एनसीआर में बनाये जानेवाले घर आकार के लिहाज से छोटे हो गये हैं। परंतु यह भी सही है कि रियल एस्टेट को अर्फोडेबल हाउसिंग ही इस समय आगे लेकर जा रहा है।