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एपिलेप्सी जैसी बीमारियों में क्या मिलता है मेडिकल इंश्योरेंस, आइए जानें

मेडिकल इंश्योरेंस क्या एपिलेप्सी जैसी बीमारियों पर भी मिलता है?
अपडेटेड Jul 18, 2019 पर 11:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मेडिकल इंश्योरेंस क्या एपिलेप्सी जैसी बीमारियों पर भी मिलता है? इंश्योरेंस में पिछली बीमारियों के कवर का पेंच समझाने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं Wishfin के CEO & Co-founder ऋषि मेहरा।


सवालः क्या पहले से एपिलेप्सी होने के बावजूद मेडिकल इंश्योरेंस मिल सकता है?


ऋषि मेहराः Manipal Cigna एपिलेप्सी का कवर देती है। पॉलिसी लेने के बाद 4 साल के वेटिंग पीरियड के बाद कवरेज मिलता है। मेडिकल चेक-अप और अंडर राइटिंग की प्रक्रिया जरूरी है। एपिलेप्सी कवर के लिए प्रीमियम 10%-25% ज्यादा होता है। 4 साल के वेटिंग पीरियड के बाद 75% तक का कवर मिलता है। Aditya Birla Health Insurance- Activ Assure Diamond Plan भी देख सकते हैं।


सवालः 15 साल के लिए निवेश जारी रखना है। 1 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस, 30 लाख का मेडिकल इंश्योरेंस, Tata Multicap में 4 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश और NPS में हर साल 50,000 का निवेश करना है। Axis Long Term Equities में 10,000 रुपये Mirae Asset Emer. Equities में 5,000 रुपये, Axis Focused 25 में 10,000 रुपये, Axis Bluechip में 7,500 रुपये, Axis Midcap में 2,500 रुपये और कुछ और फंड्स में निवेश कर रहे है।


ऋषि मेहराः पोर्टफोलियो में 12 फंड बहत ज्यादा है। पोर्टफोलियो में 4 से 5 फंड ही होने चाहिए। इतने ज्यादा फंड होने से पर्फोरमेंस ट्रेक करना मुश्किल होता है। Tata Multicap fund में एकमुश्त निवेश रखें। लाइफ और मेडिकल इंश्योरेंस पर्याप्त है। Axis Long Term, Mirae Emerging, Axis Bluechip, HDFC Small Cap और ABSL Equity फंड में एसपीआई जारी रखें।