नतीजों के बाद क्या खरीदें, किससे रहें दूर! -

नतीजों के बाद क्या खरीदें, किससे रहें दूर!

प्रकाशित Tue, 15, 2016 पर 14:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

निफ्टी की लगभग सभी कंपनियां नतीजे पेश कर चुकी हैं। ऑटो, फार्मा और निजी बैंकों ने जहां नतीजों से खुश किया है वहीं आईटी और एफएमसीजी सेक्टर से निराशा हाथ लगी है। लेकिन नतीजों के बाद किन सेक्टर में रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं और अब कहां निवेश करना होगा सुरक्षित, ये सब बताने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ लेकर आया है नतीजों का विश्लेषण,कॉरपोरेट इंडिया की कितनी सुधरी सेहत जिसमें अपनी राय दे रहें हैं मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के धर्मेश कांत और इंडिया निवेश सिक्योरिटीज के दलजीत सिंह कोहली।


बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में एक्सिस बैंक के नतीजे खराब रहे हैं। दूसरी तिमाही में एक्सिस बैंक का ग्रॉस एनपीए 4.17 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.64 फीसदी रहा है। वहीं एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा, एस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.02 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.2 फीसदी रहा है। जबकि इंडसइंड बैंक का ग्रॉस एनपीए 0.9 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4 फीसदी रहा है। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक का ग्रॉस एनपीए 2.49 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.47 फीसदी रहा है। जबकि यस बैंक का ग्रॉस एनपीए 0.83 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.4 फीसदी रहा है। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा का ग्रॉस एनपीए 11.35 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.29 फीसदी रहा है।


दूसरी तिमाही में एसबीआई के नतीजे अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं जबकि आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एसबीआई का ग्रॉस एनपीए 7.14 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.8 फीसदी रहा है। जबकि आईसीआईसीआई बैंक का ग्रॉस एनपीए 6.82 फीसदी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3 फीसदी रहा है।


फाइनेंस सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, श्रीराम सिटी यूनियन और भारत फाइनेंशियल के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एचडीएफसी का ग्रॉस एनपीए 0.76 फीसदी और ब्याज आय 14.6 फीसदी रहा है। जबकि बजाज फाइनेंस का ग्रॉस एनपीए 1.58 फीसदी और ब्याज आय 36.4 फीसदी रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में श्रीराम सिटी यूनियन का ग्रॉस एनपीए 4.96 फीसदी और ब्याज आय 22 फीसदी रहा है। जबकि भारत फाइनेंशियल का ग्रॉस एनपीए 0.10 फीसदी और ब्याज आय 10 फीसदी रहा है।


आईटी सेक्टर के दूसरी तिमाही के रिपोर्ट कार्ड की बात करें तों दूसरी तिमाही में टीसीएस के नतीजे खरीब रहे है। जबकि इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहें है। वहीं दूसरी तिमाही में विप्रो के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं।


दूसरी तिमाही में टीसीएस की आय में 0.3 फीसदी बढ़त हुई है वहीं मार्जिन 26.01 फीसदी पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में इंफोसिस की आय में 3.4 फीसदी बढ़त हुई है जबकि मार्जिन 24.89 फीसदी पर रहा है। दूसरी तिमाही में विप्रो की आय में 0.75 फीसदी की कमी आई है वहीं मार्जिन 17.8 फीसदी पर रहा है। दूसरी तिमाही में एचसीएल टेक की आय में 1.8 फीसदी बढ़त हुई है वहीं मार्जिन घटकर 20.1 फीसदी पर रहा है। वहीं दूसरी तिमाही में टेक महिंद्रा की आय में 4 फीसदी बढ़त हुई है जबकि मार्जिन घटकर 11.5 फीसदी पर रहा है।


फार्मा सेक्टर की बात करें तो कैडिला और ल्यूपिन को छोड़कर सभी दिग्गज फार्मा कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में कैडिला की आय में 0.4 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 21.5 फीसदी पर रही है। वहीं ल्यूपिन की आय में 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 24 फीसदी पर रही है।


दूसरी तिमाही में ग्लेनमार्क की आय में 16.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 20.2 फीसदी पर रही है। वहीं डॉ रेड्डीज की आय में 15.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 162 फीसदी पर रही है। दूसरी तिमाही में बायोकॉन की आय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 25.2 फीसदी पर रही है। वहीं सिंजीन की आय में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 34.8 फीसदी पर रही है। दूसरी तिमाही में सन फार्मा की आय में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 34.30 फीसदी पर रही है। वहीं सिप्ला की आय में 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इस अवधि में कंपनी की मार्जिन 18.10 फीसदी पर रही है।


एफएमसीजी सेक्टर के दूसरी तिमाही के रिपोर्ट कार्ड का बात करें तो इस तिमाही में एचयूएल और मैरिको के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। जबकि आईटीसी और एशियन पेंट्स के नतीजे अच्छे रहें हैं। वहीं इस तिमाही में डॉवर के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं।


दूसरी तिमाही में एसयूएल के वॉल्यूम ग्रोथ में 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली जबकि मार्जिन 16.67 फीसदी रहा। वहीं आईटीसी के वॉल्यूम ग्रोथ में 4 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 26.7 फीसदी रहा। दूसरी तिमाही में एशियन पेंट्स के वॉल्यूम ग्रोथ में 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 16.8 फीसदी रहा। वहीं डाबर के वॉल्यूम ग्रोथ में 4.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 20.6 फीसदी रहा। दूसरी तिमाही में मैरिकोके वॉल्यूम ग्रोथ में 3.4 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 17.5 फीसदी रहा।


ऑटो सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में सभी दिग्गज ऑटो कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में मारुति के वॉल्यूम ग्रोथ में 19 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 17.3 फीसदी रहा। वहीं बजाज ऑटो के वॉल्यूम ग्रोथ में 2.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली जबकि मार्जिन 21.4 फीसदी रहा है। दूसरी तिमाही में हीरो मोटो के वॉल्यूम ग्रोथ में 15.8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 16.2 फीसदी रहा। दूसरी तिमाही में आयशर मोटर्स के वॉल्यूम ग्रोथ में 31 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 31.2 फीसदी रहा। वहीं टीवीएस के वॉल्यूम ग्रोथ में 23 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 8.1 फीसदी रहा है। दूसरी तिमाही में एस्कॉर्ट्स के वॉल्यूम ग्रोथ में 35 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 6.3 फीसदी रहा। वहीं एमएंडएम के वॉल्यूम ग्रोथ में 18.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 14.40 फीसदी रहा है।


हालांकि दूसरी तिमाही में टाटा मोटर्स के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। दूसरी तिमाही में टाटा मोटर्स (स्टैंडएलोन) के वॉल्यूम ग्रोथ में 15 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 2.7 फीसदी रहा। वहीं जेएलआर के वॉल्यूम ग्रोथ में 19 फीसदी की बढ़त देखने को मिली जबकि मार्जिन 10.3 फीसदी रहा है।


ऑयल एंड गैस सेक्टर के दूसरी तिमाही के रिपोर्ट कार्ड की बात करें तो दूसरी तिमाही में रिलायंस, आईओसी, बीपीसीएल, केर्न इंडिया और ओएनजीसी सभी के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में रिलायंस की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 10.1 डॉलर प्रति बैरल रही है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 2.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी तिमाही में आईओसी की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 4.3 डॉलर प्रति बैरल रही है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 62 फीसदी की कमी आई है। दूसरी तिमाही में बीपीसीएल की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन 3.08 डॉलर प्रति बैरल रही है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी तिमाही में केर्न की रियलाइजेशन ग्रोथ 10.5 फीसदी रही है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 116.5 फीसदी की बढ़त आई है। जबकि दूसरी तिमाही में ओएनजीसी की रियलाइजेशन ग्रोथ 3.9 फीसदी रही है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 17.5 फीसदी की बढ़त आई है।


पावर सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में पावर ग्रिड के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में  पावर ग्रिड के आय में 28. 5 फीसदी और मुनाफे में 32 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।


दूसरी तिमाही में सीमेंट सेक्टर के रिपोर्ट कार्ड की बात करें तो इस तिमाही में एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। जबकि ग्रासिम और अल्ट्राटेक सीमेंट के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में एसीसी के वॉल्यूम में 9.6 फीसदी और मुनाफे में 29 फीसदी की कमी आई है। वहीं अंबुजा सीमेंट को वॉल्यूम में 6.6 फीसदी का कमी आई है जबकि इसका मुनाफा 80.3 फीसदी बढ़ा है। वहीं ग्रासिम के वॉल्यूम में 9 फीसदी मुनाफे में 75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। जबकि दूसरी तिमाही में अल्ट्राटेक सीमेंट का मुनाफा 32 फीसदी बढ़ा है।


मेटल-माइनिंग सेक्टर के दूसरी तिमाही के नतीजों की बात करें तो दूसरी तिमाही में जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्पांज, हिंद जिंक को नतीजे अच्छे रहे हैं तो टाटा स्टील के नतीजे खराब रहे हैं जबकि हिंडाल्को और कल्याणी स्टील के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। दूसरी तिमाही में जेएसडब्ल्यू स्टील की आय में 15 फीसदी की जबकि मुनाफे में 6.4 फीसदी की बढ़त हुई है। वहीं इस तिमाही में टाटा स्पॉन्ज की आय में 8 फीसदी की गिरावट आई है जबकि इसका मुनाफा 182 फीसदी बढ़ा है। दूसरी तिमाही में हिंद जिंक के आय और मुनाफे दोनों में गिरावट देखने को मिली है। दूसरी तिमाही में हिंद जिंक का मुनाफा 15 फीसदी और आय 13 फीसदी घटा है। वहीं कल्याणी स्टील की आय 4 फीसदी बढ़ी है जबकि मुनाफा 27 फीसदी बढ़ा है।


दूसरी तिमाही में टाटा स्टील के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। दूसरी तिमाही में टाटा स्टील की आय में 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त हुई है। इस तिमाही में टाटा स्टील को 49.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वहीं दूसरी तिमाही में हिंडाल्को के नतीजे उम्मीद के मुताबिक ही रहे हैं। दूसरी तिमाही में  हिंडाल्को की रेवेन्यू ग्रोथ सपाट रही है जबकि प्रॉफिट ग्रोथ में 257 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है।


दूसरी तिमाही के कैपिटल गुड्स सेक्टर के रिपोर्ट कार्ड की बात करें तो इस तिमाही में बीईएल, वी-गार्ड, हेवेल्स और बीएचईएल के नतीजे अच्छे रहे हैं जबकि एबीबीऔर कमिन्स के नतीजे कमजोर रहे हैं। दूसरू तिमाही में बीएचईएल घाटे से 115 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गया है। दूसरी तिमाही में बीएचईएल के की आय में 12.2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।


टेलीकॉम सेक्टर की बात करें तो दूसरी तिमाही में आइडिया के नतीजे कमजोर रहे हैं जबकि भारती एयरटेल और भारती इंफ्रा के नतीजे अच्छे रहे हैं। दूसरी तिमाही में आइडिया का मार्जिन 30.5 फीसदी पर रहा है। जबकि कंपनी के मुनाफे में 59 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं दूसरी तिमाही में भारती एयरटेल का मार्जिन 38.4 फीसदी पर रहा है। जबकि इसके मुनाफे में 0.07 फीसदी की कमी देखने को मिली है। दूसरी तिमाही में भारती इंफ्राटेल का मार्जिन 44.2 फीसदी पर रहा है जबकि इस अवधि में कंपनी के मुनाफे में 2.3 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।


धर्मेश कांत की पसंद


बैंक ऑफ बड़ौदा (खरीदें): धर्मेश कांत के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा 6-9 महीने की अवधि में 25 फीसदी तक रिटर्न दे सकता है।


हिंडाल्को (खरीदें): धर्मेश कांत के मुताबिक हिंडाल्को 6-9 महीने की अवधि में 25 फीसदी तक रिटर्न दे सकता है।


दलजीत सिंह कोहली की पसंद


एचडीएफसी बैंक (खरीदें): दलजीत सिंह कोहली के मुताबिक एचडीएफसी बैंक 1 साल की अवधि में 1500 रुपये का स्तर हासिल कर सकता है।


रिलायंस (खरीदें): दलजीत सिंह कोहली के मुताबिक रिलायंस 1 साल की अवधि में 1300 रुपये का स्तर हासिल कर सकता है।