घाटे से मुनाफे में आया ओबीसी, एनपीए भी घटा

प्रकाशित Mon, 13, 2019 पर 14:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में ओबीसी को 201.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है जबकि पिछले साल की इसी अवधि में ओबीसी को 1,650.2 करोड़ का घाटा हुआ था।


वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में ओबीसी की ब्याज आय 34.8 फीसदी बढ़कर 1,473.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में  ओबीसी की ब्याज आय 1,093.3 करोड़ रुपये रही थी।


तिमाही दर तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में ओबीसी का ग्रॉस एनपीए 15.82 फीसदी से घटकर 12.66 फीसदी रहा है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में ओबीसी का नेट एनपीए 7.15 फीसदी से घटकर 5.93 फीसदी रहा है।


रुपये में देखें तो तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में ओबीसी का ग्रॉस एनपीए 24,353 करोड़ रुपये से घटकर 21,717 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही दर तिमाही आधार पर बैंक की नेट एनपीए 9,973 करोड़ रुपये से घटकर 9,440 करोड़ रुपये रही है।


तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में ओबीसी का प्रोविजन कवरेज रेश्यो 75 फीसदी से बढ़कर 75.84 फीसदी रहा है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में ओबीसी का लोन ग्रोथ 16.8 फीसदी रहा है।


सालाना आधार पर चौथी तिमाही में बैंक की अन्य आय 444 करोड़ रुपये से बढ़कर 958 करोड़ रुपये रही है।


तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में एसबीआई की प्रोविजनिंग 3,720 करोड़ रुपये से घटकर 1,051 करोड़ रुपये रही है जबकि पिछले साल की चौथी तिमाही में एसबीआई की प्रोविजनिंग 2,335 करोड़ रुपये रही थी।