RIL Q4: एकमुश्त घाटे के चलते मुनाफे पर दिखा दबाव, jio के कारोबार में दिखी शानदार ग्रोथ

चौथी तिमाही में कंपनी की जीआरएम 7.80 डॉलर प्रति बैरल के अनुमान के मुकाबले 8.90 डॉलर प्रति बैरल रही है।
अपडेटेड May 02, 2020 पर 11:57  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 30 अप्रैल को अपने Q4 नतीजे घोषित कर दिये हैं जिसके मुताबिक 2020 के जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी को 6348 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। जबकि पिछली तिमाही में कंपनी को 11640 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वहीं पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी को 10362 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी की आय 136000 करोड़ रुपये रही जो पिछली तिमाही में 152939 करोड़ रुपये रही थी। वहीं पिछले साल की मार्च तिमाही में कंपनी की आय 138659 करोड़ रुपये रही थी। चौथी तिमाही में रिलायंस जियो को 2331 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है जबकि इस अवधि में जियो की आय 14835 करोड़ रुपये रही है।


चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज को 4267 करोड़ रुपये का एकमुश्त घाटा हुआ है। इस तिमाही में कंपनी की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन अनुमान से बेहतर रही है। चौथी तिमाही में कंपनी की जीआरएम 7.80 डॉलर प्रति बैरल के अनुमान के मुकाबले 8.90 डॉलर प्रति बैरल रही है।


तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी की पेट्रोकेमिकल्स कारोबार से होनेवाली आय 36909 करोड़ रुपये से घटकर 32206 करोड़ रुपये पर आ गई है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी की पेट-केम एबिट 7239 करोड़ रुपये से घटकर 5938 करोड़ रुपये रही है जबकि पेट-केम एबिट मार्जिन 19.6 फीसदी से घटकर 18.4 फीसदी रही है।


चौथी तिमाही में कंपनी की रिफाइनिंग कारोबार से होनेवाली आय पिछली तिमाही के 1.03 लाख करोड़ रुपये से घटकर 84854 करोड़ रुपये रही है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी की रिफाइनिंग एबिट 6808 करोड़ रुपये से घटकर 6614 करोड़ रुपये और रिफाइनिंग एबिट मार्जिन 6.6 फीसदी से बढ़कर 7.8 फीसदी रही है।


चौथी तिमाही में कंपनी की रिटेल कारोबार से होनेवाली आय पिछली साल की चौथी तिमाही के 36663 करोड़ रुपये से बढ़कर 38211 करोड़ रुपये रही है। सालाना आधार पर चौथी तिमाही में कंपनी की रिटेल एबिट 1923 करोड़ रुपये से बढ़कर 2556 करोड़ रुपये रहा है। वहीं रिटेल एबिट मार्जिन पिछले साल के 5.2 फीसदी से बढ़कर 7 फीसदी रही है।


Reliance JIO


Q4 में Reliance JIO के मुनाफे में शानदार बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। चौथी तिमाही में Reliance JIO का मुनाफा पिछली तिमाही के 1350 करोड़ रुपये से बढ़कर 2331 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। जबकि Reliance JIO की आय पिछली तिमाही के 13998 करोड़ रुपये से बढ़कर 14835 करोड़ रुपये रही है। चौथी तिमाही में Reliance JIO का एबिटडा 5601 करोड़ रुपये से बढ़कर 6201 करोड़ रुपये रहा है। वहीं एबिटडा मार्जिन पिछली तिमाही के 40.1 फीसदी से बढ़कर 41.8 फीसदी रही है। चौथी तिमाही में Reliance JIO का ARPU पिछली तिमाही के 128 रुपये से बढ़कर 130.60 रुपये रहा है। चौथी तिमाही में Reliance JIO के उपभोक्ताओं की संख्या तीसरी तिमाही के 37 करोड़ से बढ़कर 38.75 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।


कंपनी के बोर्ड ने आज राइट इश्यू को भी मंजूरी दे दी है। ये राइट इश्यू 1257 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लाया जायेगा। राइट इश्यू की साइज 53125 करोड़ रुपये की होगी। इस राइट इश्यू के तहत 15 शेयर पर एक राइट शेयर जारी होगा।


इसके अलावा कंपनी के बोर्ड ने 6 रुपये 50 पैसे प्रति शेयर डिविडेंड के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि सउदी अरामको डील पर बातचीत सही दिशा में है। वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में कंपनी की 1.04 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।




सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।