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योर मनीः रिटायरमेंट के बाद भी कैसे बने रहें रॉकस्टार

प्रकाशित Fri, 14, 2018 पर 13:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रिटायरमेंट के लक्ष्य को आज ही निर्धारित करने में योर मनी आपका साथ देगा, जिसमें निवेशकों की मदद करने के लिए हमारे साथ मौजूद हैं मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी के डायरेक्टर धवल कपाड़िया।


एचएसबीसी की फ्यूचर ऑफ रिटायरमेंटः ब्रिजिंद द गैप के रिपर्ट के मुताबिक भारत में सिर्फ 33 फीसदी लोगों के पास रिटायरमेंट प्लान है। भारत में छोटी अवधि के लक्ष्यों को प्राथमिकता देते है। बड़ी रकम के लिए जरूरी निवेश की कम जानकारी होती है। नर्सिंग होम खर्च के लिए सिर्फ 19 फीसदी भारतीय प्लान करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार 56 फीसदी कमाने वाले भारतीय बचत और निवेश नहीं करते है जबकि 53 फीसदी भारतीय छोटी अवधि के लक्ष्य के लिए बचत करते हैं। वहीं 45 फीसदी भारतीय भविष्य की जगह वर्तमान में पैसे खर्च करते हैं जबकि 69 फीसदी मानते हैं कि वे रिटायरमेंट की उम्र के बाद भी काम करेंगे। इधर 54 फीसदी लोग अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखते हैं।


सवालः उम्र 25 साल है और प्रति माह 30000 रुपये की आय है।निवेश का कोई लक्ष्य तय नहीं है, लेकिन रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू करना है। पिताजी की सलाह है कि एफडी में निवेश करूं। क्या एफडी निवेश के लिए सही है या म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए। साथ ही ये भी जानना है कि क्या निवेश के लिए एनपीएस कैसा है?


धवल कपाड़ियाः जोखिम के लिहाज से एफडी में निवेश सुरक्षित होता है, लेकिन इसमें सुरक्षा के साथ रिटर्न काफी कम होता है। सिर्फ एफडी निवेश से महंगाई को मात नहीं दे पाएंगे इसलिए लंबी अवधि के लक्ष्य पूरे करने के लिए एफडी में निवेश करना काफी नहीं है। लिहाजा रिटायरमेंट के लिए सिर्फ एफडी के भरोसे ना रहें बल्कि इक्विटी में निवेश पर महंगाई को मात देने वाले रिटर्न देनी की क्षमता है। इसलिए अपने पोर्टफोलियो में सही एसेट एलोकेशन जरूरी है।


जैसे की आप इक्विटी, डेट, गोल्ड जैसे विकल्प में एसेट एलोकेशन में निवेश कर सकते है। लंबी अवधि के लिए निवेश पर 90 फीसदी निवेश इक्विटी म्यूचुअल फंड में करें और 10-20 फीसदी डेट में निवेश करें। वहीं रिटायरमेंट के लिए एनपीएस भी सही विकल्प है, इसमें निवेश से टैक्स बचत भी है।