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पहला कदमः ट्रेडिंग अकाउंट क्या हैं

आज के एपिसोड से हमने बात शुरू की है इक्विटी यानि शेयर बाजार में निवेश की।
अपडेटेड May 14, 2016 पर 16:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सीएनबीसी-आवाज़ की फाइनेंशियल लिटरेसी की मुहिम पहला कदम में पिछले एपिसोड से हमने बात शुरू की है इक्विटी यानि शेयर बाजार में निवेश की। पिछले एपिसोड में हमने इक्विटी निवेश से जुड़ी कुछ शुरुआती जानकारियां आपको दी थीं। उम्मीद है कि आपको कई सवालों के जवाब मिल गए होंगे। फिर भी अगर आपके जेहन में कोई सवाल है तो आप हमें लिख सकते हैं सीएनबीसी-आवाज़ के फेसबुक पेज पर या फिर हमारी वेबसाइट pehlakadam.in पर। आप एसएमएस के जरिए भी अपना संदेश हम तक पहुंचा सकते हैं। आज के एपिसोड में भी हम इक्विटी निवेश के एक नए टॉपिक पर बात कर रहे हैं।


हम आपको बता रहे हैं कि ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है। शेयर बाजार में  ट्रेडिंग के लिए  ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत होती है। यह बैंक अकाउंट की तरह होता है। अकाउंट ब्रोकर के पास खुलवाना होता है। ट्रेडिंग अकाउंट के जरिये ही शेयरों की खरीद - ब्रिकी की जाती है। इसे बैंक और डीमैट अकांउट से लिंक किया जा सकता है।


ट्रेडिंग के दौरान पैसे की निकासी और जमा बैंक अकाउंट के जरिए होती है। बेचते वक्त शेयर डीमैट से ट्रेडिंग अकाउंट में ट्रांसफर होते है। साथ ही म्युचुअल फंड में निवेश के लिए ट्रेडिंग अकाउंट होना जरुरी होता है। ईटीएफ के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत होती है। शेयर, एफएंडओ, कमोडिटी और करेंसी में एक ही अकाउंट से ट्रेडिंग मुमकिन है।


ट्रेडिंग अकाउंट खोलने से पहले उसके चार्जेस के बारे में पता लगा लें। सारे डॉक्युमेंट को पढ़ लें और  अकाउंट फॉर्म के छोड़ी खाली जगहों के बारे में जानकारी लें। ब्रोकर से मिलने वाली सर्विसेस जान लें। साथ ही मार्जिन को लेकर स्पस्ट बात करें। ब्रोकर के जरिये ट्रेडिंग या निवेश को ऑफलाइन ट्रेड कहा जाता है।


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