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दिवाली पर निवेश के बेहतरीन आइडिया, इन 9 रत्नों से चमकाएं आपका पोर्टफोलियो

अगर आपने अब तक निवेश नहीं किया तो इस दिवाली इन रत्नों से निवेश का शुभारंभ कर सकते हैं।
अपडेटेड Oct 28, 2019 पर 12:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

देश फेस्टिव सीजन मूड में है और हर तरफ दिवाली की धूम है। समृद्धि के इस पर्व में नई शुरुआत की भी परंपरा रही है। कहते हैं कि दिवाली पर किया गया निवेश बेहद शुभ होता है। अगर आपने अब तक निवेश नहीं किया तो इस दिवाली से शुभारंभ कर सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे 9 रत्नों से इस दिवाली को आप मुनाफे वाली दिवाली कैसे बना सकते हैं।


हर्षदा सावंत का रत्न


INFOSYS: ये भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। जो वैश्विक स्तर पर अपने ग्राहकों को आईटी और कंसल्टिंग सेवाएं देती है। कंपनी कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर Finacle भारत, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप के कई बैंको द्वारा काम में लाया जाता है। 10 साल में कंपनी की आय में 4 गुना बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।
 
प्रदीप पांड्या का रत्न


BOMBAY BURMAH: ये Nusli Wadia ग्रुप की कंपनी है। Britannia Ind में कंपनी का 50 फीसदी हिस्सा है। Bombay Dyeing में कंपनी का 15.28 फीसदी हिस्सा है। इसके अलावा National Paroxide में भी कंपनी का हिस्सा है। अपने सेक्टर में Britannia वॉल्यूम ग्रोथ सबसे ज्यादा है। Bombay dyeing को कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की मंजूरी मिली है। पिछले साल की ऊंचाई से ये शेयर 50 फीसदी डिस्काउंट पर उपलब्ध है जो इसको आकर्षक बना रहा है।


सुमित का रत्न


PFIZER: ये दुनिया की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी की सब्सिडियरी है। ये करीब 70 साल से भारत में कामकाज कर रही है और 40 साल से लिस्टेड है। कंपनी के 17 ब्रांड अव्वल स्थान पर हैं। इसका 5 साल से औसत मार्जिन 20 फीसदी से ऊपर बरकरार है। Protinex भारत में इसका सबसे पुराना उत्पाद है। कंपनी के पास 1914 करोड़ रुपये की नकदी है।


दीपाली राणा का रत्न


BOSCH: ये ऑटो एंसिलरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी है। कंपनी होम अप्लायंस, पावर टूल्स कारोबार में भी है। ये जर्मन कंपनी की सब्सिडियरी है और सिर्फ भारत में लिस्टेड है। ये भारत में 13 सब्सिडियरी के जरिए कामकाज करती है। करीब 70 साल से भारत में कंपनी का कामकाज है। इसने 21000/शेयर के भाव पर बायबैक किया था। ऑटो डिमांड बढ़ने से कंपनी को फायदा होगा।


वीरेंद्र का रत्न


DABUR: S K Burman ने कंपनी की स्थापना 1880 में की थी। आयुर्वेदिक कंपनी के तौर पर इसकी शुरुआत हुई थी। कंपनी 1997 से नॉन-आयुर्वेदिक सेगमेंट में भी उतरी। 2016 से आयुर्वेदिक प्रोडक्ट पर कंपनी का फोकस बढ़ा। Patanjali से प्रतिस्पर्धा के लिए आयुर्वेद पर इसका फोकस है। चार्ट पर ये शेयर बेहद आकर्षक स्तरों पर दिख रहा है।


वरुण का रत्न


GILLETTE INDIA: इस मल्टीनेशनल कंपनी की प्रोमोटर P&G है। कंपनी कंज्यूमर गुड्स मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री में है। ओरल केयर सेगमेंट में भी कंपनी का कामकाज है। कंपनी मेन्स शेविंग सेगमेंट में मार्केट लीडर है। मेन्स ग्रूमिंग में ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं जिससे कंपनी को फायदा होगा। कंपनी के पास Oral-B, Pro-Health जैसे ब्रांड हैं। कंपनी पर कोई कर्ज भी नहीं है।


नीरज का रत्न


WHIRLPOOL: ये देश की तीसरी सबसे बड़ी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है। कंपनी ​फ्रिज, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और माइक्रोवेव ओवन के कारोबार में है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स का 33 अरब डॉलर का बाजार है। 25000 रुपये से कम की प्रोडक्ट रेंज में कंपनी की अच्छी पकड़ है। इसमें 3 साल से 16 फीसदी की सालाना सेल्स ग्रोथ देखने को मिल रही है। 3 साल से कंपनी 19 फीसदी सालाना की प्रॉफिट ग्रोथ हासिल कर रही है।


शैलंद्र भटनागर का रत्न


KOTAK SMALL CAP FUND: इसमें क्यों करें निवेश


शैलंद्र भटनागर की राय मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी बढ़ रही है। अभी तक लॉर्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप कम चले हैं। मैनेजर का फोकस मिडकैप और स्मॉलकैप पर फंड पर बढ़ा है। किसी एक शेयर की बजाय MF में निवेश बेहतर विकल्प है। SIP के जरिए लगातार निवेश करें।


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