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Infosys पर गंभीर आरोप के बाद शेयरों में बड़ी गिरावट, क्या है ब्रोकरेज हाउसेज की राय

IT दिग्गज इंफोसिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। कंपनी पर अपना मुनाफा और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाने के आरोप लगा है।
अपडेटेड Oct 22, 2019 पर 16:22  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

IT दिग्गज इंफोसिस (Infosys)  पर गंभीर आरोप लगे हैं। कंपनी पर अपना मुनाफा और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाने के आरोप लगा है। Whistleblower ने इस मामले में इंफोसिस बोर्ड और SEC को  चिट्ठी भी लिखी है। इसके बाद INFOSYS  में आज 6 साल की सबसे बड़ी गिरावट है।


IT दिग्गज इंफोसिस (Infosys) विवादों में घिर गई है। कंपनी पर अपना मुनाफा और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए अनैतिक कदम उठाने के आरोप लग रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक ethical employees नाम के एक ग्रुप ने कंपनी के बोर्ड को चिट्ठी लिखकर इसकी जानकारी दी है। खबरों के मुताबिक इंफोसिस ने अपना मुनाफा और शॉर्ट टर्म रेवेन्यू बढ़ाने के लिए गलत कदम उठाए हैं और whistleblower ने इस बारे में बोर्ड के साथ-साथ US Securities and Exchange Commission को भी लिखा है।


whistleblower ने दावा किया है कि उसके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए ईमेल्स और वॉयस रिकॉर्डिंग्स भी हैं। खबरों के मुताबिक whistleblower ग्रुप का आरोप है कि CFO सलिल पारेख बड़ी डील्स में मार्जिन्स को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का दबाव बनाते हैं और गलत अनुमान बताने को कहते हैं। चिट्ठी में ये भी आरोप लगाया गया है कि CEO और CFO निलांजन रॉय ने फाइनेंस टीम पर पॉलिसी में बदलाव करके ज्यादा मुनाफा दिखाने का दबाव बनाया। whistleblower का कहना है कि कंपनी इन आरोपों की जांच कर रही है और इसे whistleblower पॉलिसी के तहत ही डील किया जाएगा। इस बारे में इंफोसिस के बोर्ड को 20 सितंबर और US SEC को 27 सितंबर को चिट्ठी लिखी गई है।


आरोपों के बाद दिग्गज ब्रोकेरेज हाउसेज की राय


Infosys पर Morgan Stanley की राय है यह कंपनी के लिए बुरी खबर है इससे इसके शेयरों की डी-रेटिंग संभव है।


Infosys पर Macquarie ने कहा है कि निवेशकों को जांच पर नजर रखनी चाहिए। उनका मानना है कि कंपनी की स्ट्रैटेजी, टॉप मैनेजमेंट में बड़े बदलाव से अनिश्चितता बढ़ेगी, फिलहाल वे अनुमानों में कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं। वहीं EBIT मार्जिन में 1 प्रतिशत के बदलाव से EPS पर 4 प्रतिशत का असर हो सकता है।


Infosys पर Equirus ने इसमें 845 रुपये के लक्ष्य के साथ खरीदारी करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि इसमें अकाउंटिंग एग्रेसिव हो सकती है लेकिन फ्रॉड की उम्मीद नहीं है। Equirus ने कहा है कि Whistleblower की चिट्ठी से शेयर पर निगेटिव असर दिखेगा इसलिए शेयर की गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका होगी।


Infosys पर Credit Suisse ने कहा है कि Whistleblower के आरोपों से अनिश्चितता बढ़ेगी क्योंकि Whistleblower ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अगर आरोप सही निकले तो CEO, CFO को निकाला जा सकता है।


Jefferies ने Infosys पर कहा है कि Whistleblower के आरोपों से शेयर पर दबाव बनना मुमकिन है। इससे P/E डीरेटिंग का बड़ा जोखिम बना हुआ है।


मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा की राय


इंफोसिस विवाद पर मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि इंफोसिस में कॉरपोरेट गवर्नेंस की दिक्कतें नहीं हैं। कॉरपोरेट गवर्नेंस के मामले में कंपनी टॉप पर है। उनका कहना है कि गिरावट में Infosys में निवेश करना चाहिए।


Infosys की सफाई


इन आरोपों पर इंफोसिस के निलेकणि ने कहा है कि Whistleblower के आरोपों की जांच होगी। सितंबर में Whistleblower से 2 शिकायतें मिलीं थी। कंपनी पर लगे आरोपों की Shardul Amarchand Mangaldas द्वारा स्वतंत्र जांच की जायेगी।


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