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केरल पर बाढ़ की मार, क्या हो आपकी रणनीति

केरल की बाढ़ से सबसे ज्यादा मार एनबीएफसी, बैंक, बीमा, रबर, चाय, कॉफी, ऑटो और शराब कंपनियों पर पड़ी है।
अपडेटेड Aug 20, 2018 पर 13:23  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

केरल में बाढ़ और बारिश ने पिछले 100 सालों की सबसे बड़ी तबाही मचाई है। 90 फीसदी केरल पानी में डूबा हुआ है। बर्बादी का आलम देखिए कि करीब 16000 किमी सड़क, 134 पुल बाढ़ के कारण तबाह हो चुके है। 40 हजार एकड़ से अधिक खेती की जमीन बर्बाद हो चुकी है। एसोचैम के मुताबिक इस बाढ़ से इंडस्ट्री को करीब 20,000 करोड़ का नुकसान होगा। जाहिर है केरल में जिन कंपनियों का एक्सपोजर है उनके धंधे पर मार पड़नी तय है। कौने सी वो कंपनियां है जिनके कारोबार पर बुरा असर पड़ सकता है आइए जानते हैं।


केरल की बाढ़ से सबसे ज्यादा मार एनबीएफसी, बैंक, बीमा, रबर, चाय, कॉफी ऑटो और शराब कंपनियों पर पड़ा है। ऑटो कंपनियों की बात करें तो पिछले साल ओणम पर 18,000 गाड़ियां बिकीं थी। इस साल 27,000 गाड़ियों की बिक्री की उम्मीद थी लेकिन बाढ़ ने इस पर ग्रहण लगा दिया है।


बाढ़ के कंपनियों पर असर की बता करें तो सबसे पहले नाम आता है फेडरल बैंक का। फेडरल बैंक की 1252 शाखाओं में से केरल में 600 शाखाएं हैं। फेडरल बैंक के सीएएसए डिपॉजिट का 69 फीसदी केरल से है। इसके कुल कर्ज का 33 फीसदी केरल से है। फेडरल बैंक के बिजनेस बैंकिंग का 47 फीसदी शेयर केरल से है। इसके कमर्शियल, रीटेल बैंकिंग का 45 फीसदी कारोबार केरल से है।


साउथ इंडियन बैंक की 855 में से 464 शाखाएं केरल में ही हैं। इसके 1386 में से 786 एटीएम केरल में हैं। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की 3331 में से 486 शाखाएं केरल में हैं। जबकि मुथूट फाइनेंस की 4325 में से 642 शाखाएं केरल में हैं। केरल में कई कंपनियों के चाय, कॉफी के बागान है जिस के चलते कई चाय और कॉफी कंपनियां इस बाढ़ के चपेट में आएंगी।


वी-गार्ड का मुख्यालय का मुख्यालय केरल में है। कंपनी की करीब 55 फीसदी आय दक्षिण भारत के बाजार से होती है। इसके अलावा दक्षिण भारत की सीमेंट कंपनियों इंडिया सीमेंट, रैमको सीमेंट, सागर सीमेंट, ओरिएंट सीमेंट और एनसीएल इंडस्ट्रीज पर भी इस बाढ़ का असर पड़ेगा। गौरतलब है कि नैचुरल रबर की खेती में केरल सबसे आगे है, देश में नैचुरल रबर का 92 फीसदी उत्पादन केरल में होता है। रबर, टायर कंपनियों पर इस बाढ़ का असर देखने को मिला है।


केरल की बाढ़ का शराब के धंधे पर भी असर होगा क्योंकि केरल में प्रति व्यक्ति शराब की खपत सबसे ज्यादा है। रबर और टायर कंपनियां भी इसकी चपेट में आएंगी। इस बाढ़ के चलते रबर प्रोडक्शन 40 फीसदी तक घट सकता है। नैचुरल रबर की खेती में केरल सबसे आगे है। देश में नैचुरल रबर का 92 फीसदी उत्पादन केरल से आता है। रबर महंगा होने से लागत बढ़ेगी। आपको बता दें कि अपोलो टायर के 2 प्लांट केरल में हैं।


केरल की बाढ़ का मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड और न्यू इंडिया इंश्योरेंस पर भी पड़ेगा क्योंकि केरल में इनका बड़ा बाजार है। बाढ़ के बाद इंश्योरेंस क्लेम बढ़ सकते हैं जिसका असर इंश्योरेंस पर कंपनियों पर दिखेगा।


केरल में देश का 30 फीसदी नारियल उत्पादन होता है। नारियल मैरिको का बड़ा कच्चा माल है जिससे मैरिको के कारोबार पर बाढ़ का असर आएगा। इसके अलावा ज्योति लैब,इंडिया सीमेंट, रैमको, डालमिया भारत का केरल में बड़ा धंधा है। जिनपर बाढ़ का असर पड़ना तय है।


गौरांग शाह की एमआरएफ, जेके टायर, अपोलो टायर, सिएट, फेडरल बैंक, साउथ इंडिया बैंक और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, मैरिको, ज्योति लैब्स, वी-गार्ड, कोचीन शिपयार्ड, टाटा ग्लोबल बेवरेजेज में निवेश की सलाह है।