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जीएसटी का 1 साल, अगले 1 साल में कौन मारेगा बाजी

अगले 1 साल में जीएसटी के कौन होंगे महारथी जिन पर दांव लगाया जा सकता है।
अपडेटेड Jun 28, 2018 पर 13:05  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जीएसटी के एक साल पूरे हो चुके है। वादा था कि इसके आने से इकोनॉमी और इंडस्ट्री की तस्वीर बदलेगी। कारोबार करने के तौर तरीके बदलेंगे। कारोबार करना आसान हो जाएगा। जीएसटी को लागू हुए 1 साल बीत चुका है। अब बारी है वादों को परखने की। जीएसटी लागू होने के बाद से क्या कंपनियां मालामाल हुई। किन कंपनियों की किस्मत खुली और किनका चैन छिन गया। जीएसटी से किस सेक्टर को मिली गति और किसकी हुई दुर्गति। साथ ही बात करेंगे कि अगले 1 साल में जीएसटी के कौन होंगे महारथी जिन पर दांव लगाया जा सकता है। हमारी मदद करेंगे मार्केट एक्सपर्ट अंबरीश बलिगा और ट्रेडस्विफ्ट ब्रोकिंग के संदीप जैन


जीएसटी से लॉजिस्टिक सेक्टर के अच्छे दिन आने की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि 2020 तक लॉजिस्टिक सेक्टर का बाजार 215 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जो अभी 160 अरब डॉलर का है। साथ ही ट्रांसपोर्ट में तेजी आएगी और टैक्स चोरी आसान नहीं होगी। लॉजिस्टिक इंडस्ट्री में 60 फीसदी हिस्सा ट्रांसपोर्ट का है।


जीएसटी से ट्रांसपोर्ट सेक्टर को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। ई-वे बिल लागू होने से तस्वीर बदलेगी। पेपर वर्क की झंझट से छुटकारा मिलेगा और वक्त की बड़ी बचत होगी। यही नहीं जीएसटी से एफएमसीजी सेक्टर की किस्मत चमकी है। सप्लाई चेन में सुधार आया और टैक्स रेट कम होने का फायदा मिला है। 81 फीसदी आइटम 22-24 फीसदी की बजाय अब 18 फीसदी टैक्स रेट में आ गए हैं। सिर्फ 19 फीसदी आइटम 28 फीसदी टैक्स स्लैब में हैं। जीएसटी से असंगठित क्षेत्र भी दायरे में है और टैक्स चोरी करना मुश्किल हो गया है।


जीएसटी से तंबाकू सेक्टर के लिए टैक्स को लेकर अनिश्चितता दूर हुई है। आगे टैक्स बढ़ने के आसार नहीं है और अभी 28 फीसदी टैक्स स्लैब में है। वहीं जीएसटी से एविएशन को ऊंची उड़ान मिलने की उम्मीद है। दरअसल एटीएफ को जीएसटी में लाने की चर्चा हो रही है। अगर एटीएफ जीएसटी के अंतर्गत आता है तो 1,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। एविएशन कंपनियों का 40 फीसदी खर्च सिर्फ एटीएफ पर होता है।


जीएसटी के तहत अल्होकल आया तो इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मुमकिन है, अभी शराब कंपनियों पर सिन टैक्स लगता है। जीएसटी से सीमेंट सेक्टर को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। सीमेंट पर जीएसटी घटाने की तैयारी हो रही है। सीमेंट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है। 21 जुलाई को जीएसटी काउंसिल की बैठक में फैसला संभव है। साथ ही पेंट पर भी जीएसटी घटाने की तैयारी है। पेंट पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया जा सकता है।



अंबरीश बलिगा की पसंद


ब्लू डार्ट : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 4320 रुपये, मौजूदा भाव - 3500 रुपये


एचयूएल : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 1800 रुपये, मौजूदा भाव - 1600 रुपये


यूनाइटेड स्पिरिट्स : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 750 रुपये, मौजूदा भाव - 660 रुपये


अल्ट्राटेक सीमेंट : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 4600 रुपये, मौजूदा भाव - 3770 रुपये


एशियन पेंट्स : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 1480 रुपये, मौजूदा भाव - 1260 रुपये


बाटा इंडिया : खरीदें (1 साल की अवधि के लिए), लक्ष्य - 940 रुपये, मौजूदा भाव - 820 रुपये



संदीप जैन की पसंद


वीआरएल लॉजिस्टिक : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 380 रुपये, मौजूदा भाव - 315 रुपये


बजाज कॉर्प : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 450 रुपये, मौजूदा भाव - 398 रुपये


आईटीसी : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 320 रुपये, मौजूदा भाव - 263 रुपये


स्टार सीमेंट : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 150 रुपये, मौजूदा भाव - 115 रुपये


कंसाई नेरोलैक : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 530 रुपये, मौजूदा भाव - 446 रुपये


कजारिया सिरामिक्स : खरीदें (6-9 महीने की अवधि के लिए), लक्ष्य - 590 रुपये, मौजूदा भाव - 490 रुपये