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आने वाला है रिपोर्ट कार्ड, नतीजों से पहले कहां लगाएं दांव!

प्रकाशित Fri, 05, 2018 पर 13:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

क्रूड और रुपये की टेंशन के बाद अब बाजार पर एक्जाम फीवर चढ़ने वाला है। कंपनियों की तिमाही परीक्षा अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगी। बाजार का मूड खराब है इसलिए ये तय मानिए जो इस एग्जाम में फेल हुआ या कम मार्क्स लाया उसकी तगड़ी पिटाई होनी तय है। यही वजह है कि निवेशक की हार्ट बीट बढ़ी हुई है। वो बेचैन और परेशान है। सब अपने अपने गणित लगाने में जुटे हुए हैं कि क्रूड किसका निकालेगा तेल और रुपया किसको करेगा फेल। लेकिन चिंता मत कीजिए इस मुश्किल वक्त में हम आपका होमवर्क कराते हैं और आपको बताते हैं कि दूसरी तिमाही में कौन बनेगा चैंपियन। नतीजों से पहले कहां लगाएं दांव।


दूसरी तिमाही में निफ्टी कंपनियों की आय में डबल डिजिट ग्रोथ मुमकिन है। लो बेस का असर दिखेगा और मांग में सुधार का फायदा संभव है। ऑटो, एफएमसीजी और रिटेल कंपनियों को जीएसटी का फायदा मिलने की उम्मीद है। कंज्यूमर सेक्टर से ज्यादा उम्मीद नहीं है। दरअसल फेस्टिवल सीजन आगे खिसकने से नुकसान होने की संभावना है। केरल में बाढ़ और कमजोर मॉनसून से भी झटका मिल सकता है। कंज्यूमर सेक्टर की कंपनियों के एबिटडा मार्जिन पर दबाव संभव है।


जेम्स और ज्वेलरी में जोरदार ग्रोथ की उम्मीद है। सीमेंट कंपनियों को ज्यादा वॉल्यूम से फायदा मिल सकता है। कच्चे माल के दाम बढ़ने से मार्जिन पर असर संभव है। आईटी सेक्टर को रुपये में गिरावट से फायदा हो सकता है। क्रॉस करेंसी के कारण थोड़ा बुरा असर मुमकिन है। मेटल सेक्टर में स्टील और एल्युमिनियम कंपनियों की बिक्री अच्छी रहेगी। महंगे कच्चे माल का असर एल्युमिनियम कंपनियों पर संभव है।


ऊंचे बेस के कारण फार्मा सेक्टर की घरेलू ग्रोथ सुस्त रहेगी। एपीआई के दाम बढ़ने से मार्जिन पर दबाव रहेगा। हालांकि रुपये में गिरावट से फार्मा कंपनियों को फायदा होगा। वहीं बैंक और एनबीएफसी की बात करें तो ब्याज से कमाई में 10 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ मुमकिन है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर रह सकते हैं। नए एनपीए पिछली तिमाही जैसे ही रह सकते हैं, लेकिन ग्रॉस एनपीए में गिरावट दिख सकती है। रिटेल बैंकों का मुनाफा उछल सकता है। हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की एनआईआई ग्रोथ स्थिर रह सकती है। एनबीएफसी कंपनियों की ग्रोथ 30 फीसदी से ज्यादा रह सकती है।


जियोजित फाइनेंशियल के गौरांग शाह का कहना है कि साएंट में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में साएंट में 930 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। अरविंदो फार्मा में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में अरविंदो फार्मा में 865 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। डाबर में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में डाबर में 525 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। अल्ट्राटेक में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में अल्ट्राटेक में 4650 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।


वहीं मार्केट एक्सपर्ट प्रकाश दीवान का कहना है कि एक्सिस बैंक में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में एक्सिस बैंक में 777 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। एस्कॉर्ट्स में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में एस्कॉर्ट्स में 888 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। सेल में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में सेल में 88 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। महानगर गैस में खरीदारी की जा सकती है। 1 साल की अवधि में महानगर गैस में 999 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।