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बुरे दौर में भी जेट एयरवेज के शेयरों में क्यों है तेजी

प्रकाशित Mon, 15, 2019 पर 13:34  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जब भी किसी कंपनी से जुड़ी कोई नेगेटिव खबर आती है तो शेयरों में गिरावट तय होती है। लेकिन जेट एयरवेज इस मामले में एकदम अलग परफॉर्मेंस दे रही है। एक तरफ जेट एयरवेज कर्ज में जूझ रही है। कंपनी के पास इतने पैसे नहीं है कि वह पायलटों को वेतन दे सके या कामकाज चला सके। दूसरी तरफ इसके शेयरों की तेजी रुकने का नाम नहीं ले रही है।


पिछले दो हफ्तों में जब कंपनी इन मुश्किलों से जूझ रही थी तब इसके शेयर 2.3 फीसदी बढ़ चुके हैं। तमाम नेगेटिव खबरों के बावजूद कंपनी का मार्केट कैप 3,000 करोड़ रुपए है। सोमवार को बाजार खुलने के बाद जेट एयरवेज के शेयरों में अच्छी खासी तेजी आई।


क्या है इस तेजी की वजह?


आखिर ऐसा क्या है कि जेट एयरवेज के शेयर नेगेटिव खबरों से बेअसर हैं। इसकी वजह लेंडर्स हैं। लेंडर्स जेट एयरवेज के मामले को कैसे डील कर रहे हैं और बाजार उससे क्या संकेत ले रहा है। इसी को आधार मानकर बाजार अपनी चाल तय कर रहा है।


क्या था किंगफिशर का हाल


ईटी के मुताबिक, 2012 में किंगफिशर एयरलाइन भी ऐसी ही मुश्किल से जूझ रही थी। तब कंपनी का 75 फीसदी मार्केट कैप साफ हो गया था। जेट एयरवेज के मामले को देखें तो 25 मार्च को बैंकों के ऐलान से पहले छह महीने में कंपनी के शेयर 10 फीसदी तक गिर गए थे।


25 मार्च के बाद हालात बदल गए। तब से अब तक शेयरों में 2।3 फीसदी की बढ़त आ चुकी है। जेट एयरवेज का शेयर प्राइस एक साल की फॉरवर्ड आमदनी यानी अर्निंग बेस प्राइस के हिसाब से मार्केट लीडर इंडिगो से सिर्फ 23 फीसदी सस्ता है। इससे पता चलता है कि बाजार की धारणा और कंपनी के फंडामेटल्स में कोई कनेक्शन नहीं है।


जेट एयरवेज पर मार्केट को इतना भरोसा क्यों?


शेयर बाजार यह उम्मीद कर रहा है कि बैंक कर्ज की रकम को 250 रुपए प्रति शेयर मानकर 11.2 करोड़ शेयरों में बदल दिया है। बाजार का मानना है कि 250 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से बैंक एयरलाइन का 2800 करोड़ रुपए का कर्ज खत्म कर सकते हैं। यह खबर लिखने तक यह पता नहीं चल पाया है कि बैंकों ने एयरलाइन कंपनी का कितना कर्ज बैलेंस शीट से हटा दिया है।


कितना है कर्ज


फिस्कल ईयर 2019 के पहले 9 महीनों में जेट का टोटल कर्ज 2700 करोड़ रुपए था. बैंकों ने कंपनी का कामकाज चलाने के लिए अस्थायी लोन दिया था.