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जमा करे रहे हैं कैश, क्यों देना होगा टैक्स

प्रकाशित Sat, 09, 2017 पर 15:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट मुकेश पटेल की सलाह।


अकाउंट में कैश डिपॉजिट करते वक्त क्यों सावधान रहना चाहिए। जिससे टैक्स की देनदारी ना पड़े भारी? इस पर बात करेत हुए मुकेश पटेल का कहना है कि सेक्शन 115बीबीई के तहत आय- व्यय का स्त्रोत दिखाना जरुरी होता है। अगर टैक्सपेयर्स ऐसा नहीं करता या वह सही सोर्स नहीं दिखा पाता तब उसे डबल टैक्स देना होता है। मतलब 60 फीसदी टैक्स,15 फीसदी सरचार्ज और 3 फीसदी सरचार्ज देना होता है। वहीं सेक्शन 270एए में 10 फीसदी जुर्माना भी लग सकता है यानि कुल मिलाकर टैक्सपेयर्स को कुल 85 फीसदी टैक्स और जुर्माना देना पड़ता है। उन्होंने आगे बताया कि इसमें 2.5 लाख रुपये के अंदर वालों को भी टैक्स छूट नहीं मिलेगा।


सवालः 2013 में एक फ्लैट बुक किया, जिसका मई 2017 में पोजेशन मिला। फ्लैट को बिना किसी मुनाफे पर उसी दाम पर बेचना चाहता हूं। लागत पर बेचने पर कोई शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन तो नहीं होगा?


मुकेश पटेलः शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन नहीं होगा। आपको इस प्रॉपर्टी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।