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Budget 2019: नए बदलाव के पहले जानिए मौजूदा टैक्स स्लैब

अंतरिम बजट में सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन 10,000 रुपए बढ़ाकर 40,000 रुपए से 50,000 रुपए कर दिया
अपडेटेड Jun 07, 2019 पर 11:33  |  स्रोत : Moneycontrol.com

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने एक सर्कुलर जारी करके ये संकेत दिए थे कि वह अंतरिम बजट में दिए गए आवंटन को पूर्ण बजट में भी बरकरार रखेगी। लोकसभा चुनावों से पहले 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया गया था। मुमकिन है कि फाइनेंस मिनिस्ट्री टैक्स के मामले में किए अपने फैसले को भी पूर्ण बजट में जारी रखे। इस बार पूर्ण बजट 5 जुलाई को आने वाला है। बजट से पहले आप मौजूदा टैक्स स्लैब समझ लीजिए।


नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में 2014 में कर छूट की सीमा 50,000 रुपए बढ़ा दी गई थी। इसी के साथ कर छूट सीमा 2 लाख रुपए से बढ़कर 2.5 लाख रुपए हो गई। इस बार नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश हो रहा है। ऐसे में मुमकिन है कि सरकार इस बार कर छूट की सीमा बढ़ा सकती है।


इस साल अंतरिम बजट में फाइनेंस मिनिस्टर ने करदाताओं को 12,500 रुपए के कर छूट का फायदा दिया। यह छूट इनकम टैक्स की धारा 87A के तहत मिलेगी। यह 1 अप्रैल 2019 से लागू हुआ है। इस छूट के तहत जिनकी सालाना टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए से कम है, उन्हें 12,500 रुपए का छूट मिलेगा।


इसके अलावा अंतरिम बजट में सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन 10,000 रुपए बढ़ाकर 40,000 रुपए से 50,000 रुपए कर दिया। पूर्ण बजट से पहले एकबार इनकम टैक्स के मौजूदा स्लैब के बारे में जान लीजिए। उम्र के हिसाब से इसे तीन हिस्सों में बांटा गया है।


पहला 60 साल की उम्र तक।
दूसरा 60 साल से 80 साल तक।
तीसरा 80 साल से ज्यादा उम्र।


60 साल की कम उम्र वाले करदाताओं के लिए


2.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं।
2.5 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक -कुल टैक्सेबल इनकम में से 2.5 लाख रुपए घटाकर बाकी रकम पर 5 फीसदी टैक्स और 4 फीसदी सेस। (इसमें 87 A के तहत 12500 रुपए की छूट मिलेगी)


500001 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक- पहले 2.50 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक 5 फीसदी के हिसाब से 12500 रुपए का टैक्स+बाकी की रकम पर 20 फीसदी टैक्स+4 फीसदी सेस।


1000001 से ज्यादा टैक्सेबल इनकम- पहले 2.50 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक 5 फीसदी के हिसाब से 12500 रुपए का टैक्स+ 5 लाख से 10 लाख रुपए पर 20 फीसदी टैक्स के हिसाब से 1 लाख रुपए + बाकी इनकमपर 30 फीसदी टैक्स + 4 फीसदी सेस।


60 साल से 80 साल तक के करदाताओं के लिए


3 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं।


300001 से 5 लाख रुपए तक- कुल टैक्सेबल इनकम में से 3 लाख रुपए घटाकर बाकी रकम पर 5 फीसदी टैक्स और 4 फीसदी सेस। (इसमें 87 A के तहत 12500 रुपए की छूट मिलेगी)।


500001 रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक- कुल टैक्सेबल इनकम में से 3 लाख रुपए घटाकर 2 लाख रुपए पर 5 फीसदी के हिसाब से 10000 रुपए का टैक्स+बाकी की रकम पर 20 फीसदी टैक्स+4 फीसदी सेस।


1000001 से ज्यादा टैक्सेबल इनकम- कुल टैक्सेबल इनकम में से 3 लाख रुपए घटाकर 2 लाख रुपए पर 5 फीसदी के हिसाब से 10000 रुपए का टैक्स+ 5 लाख से 10 लाख रुपए पर 20 फीसदी टैक्स+ बाकी की रकम पर 30 फीसदी टैक्स-4 फीसदी सेस।


80 साल से उम्रदराद करदाताओं के लिए


5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं।


5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए तक- कर छूट वाले 5 लाख रुपए हटाकर बाकी के 5 लाख रुपए पर 20 फीसदी टैक्स+4 फीसदी सेस।


1000001 से ज्यादा टैक्सेबल इनकम-
5 लाख रुपए की छूट के बाद बाकी के 5 लाख रुपए पर 20 फीसदी के हिसाब से 1 लाख रुपए टैक्स+बाकी की रकम पर 30 फीसदी टैक्स+4 फीसदी सेस।


NRI के लिए टैक्स


NRI के लिए भी टैक्सेबल इनकम में 2.5 लाख रुपए की छूट है। अगर टैक्सेबल इनकम 50 लाख रुपए से ज्यादा और 1 करोड़ से कम है तो इनकम टैक्स पर 10 फीसदी सरचार्ज और 4 फीसदी सेस लगेगा।


अगर टैक्सेबल इनकम 1 करोड़ से ज्यादा है तो 15 फीसदी सरचार्ज लगेगा।