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NRI से प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो TDS का खास खयाल रखें

प्रकाशित Tue, 09, 2019 पर 14:47  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स एक्ट-1961 के तहत प्रॉपर्टी बायर रकम चुकाते हुए सेलर के अमाउंट से TDS काट सकता है।सेक्शन 194IA के मुताबिक, अगर प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने वाला भारत का नागरिक है तो 1 फीसदी TDS काटने का प्रावधान है। ऐसे में अगर प्रॉपर्टी की वैल्यू 50 लाख रुपए से ज्यादा है तो भी 1 फीसदी ही TDS काटा जाएगा। 


लेकिन अगर आप यह प्रॉपर्टी किसी NRI से खरीद रहे हैं तो TDS का खास खयाल रखें। इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS 20 फीसदी लगता है। इसके ऊपर सरचार्ज चुकाना पड़ता है। अगर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन लागू होता है तो 30 फीसदी TDS और सरचार्ज चुकाना होगा। अगर आप 50 लाख से कम वैल्यू की प्रॉपर्टी भी NRI से खरीदते हैं तो भी आपको सेक्शन 195 के तहत 20 फीसदी या 30 फीसदी ही TDS कटेगा। 


अगर NRI कैपिटल गेन छूट क्लेम करना चाहता है या उसकी कुल इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है तो वह TDS ना काटने का अनुरोध कर सकता है। इसके लिए उसे इनकम टैक्स अधिकारी के पास एक आवेदन देना होगा। इसके बाद इनकम टैक्स के अधिकारी यह चेक करेंगे कि NRI की आमदनी टैक्सेबल लिमिट से कम है या नहीं। असेसमेंट के बाद इनकम टैक्स विभाग एक सर्टिफिकेट जारी करता है। NRI वह सर्टिफिकेट खरीदार को देगा। खरीदार वह TDS सर्टिफिकेट रखेगा और उसके आधार पर TDS काटने का फैसला किया जाएगा। 


किन्हें मानेंगे NRI


अगर टैक्स नियमों के हिसाब से बात करें तो प्रवासी की परिभाषा अलग है। कोई व्यक्ति किसी एक वित्त वर्ष में भारत में कितने दिन रहा, उस हिसाब से इनकम टैक्स के लिए उसके निवासी या प्रवासी (रेजिडेंट स्टेट्स) होने की बात तय होती है। अगर कोई व्यक्ति किसी वित्त वर्ष में 182 दिन भारत में रहा तो वह इनकम टैक्स नियमों के हिसाब से भारत का नागरिक माना जाता है। इससे कम दिन तक भारत में रहने पर उसे प्रवासी माना जाता है।