Moneycontrol » समाचार » टैक्स

टैक्स गुरु के साथ भरिए इनकम टैक्स रिटर्न

प्रकाशित Sat, 04, 2018 पर 15:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना की सलाह।


प्रीति खुराना का कहना है कि इंडिविजुअल, एचयूएफ और बिना ऑडिट वाले बिजनेस के लिए रिटर्न भरने की तारीख बढ़कर 31 अगस्त हुई है। इनकम टैक्स और रिटर्न का हिसाब कैसे लगाया जाएं इस पर बात करते हुए प्रीति खुराना ने बताया कि कुल आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर रिटर्न भरना होगा। इस आय में 80सी या दूसरी छूट ना घटाएं। सारे स्त्रोत से होने वाली आय मिलाकर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा हो तो रिटर्न भरना होगा।


सवालः होम ट्युशन और शेयरों पर कैपिटल गेन्स के जरिए आय होती है। ये 2 लाख रुपे से कम है। कौन सा आईटीआर भरना चाहिए और शेयरों से हुए शॉर्ट और लॉन्ग टर्म गेन्स को किस सेक्शन में दिखाना चाहिए?


प्रीति खुराना- कुल आय 2 लाख रुपय से कम है। रिटर्न भरने की जरुरत नहीं है।


सवालः ये नौकरी पेशा हैं और शेयर ट्रेडिंग करते हैं। इन्हें कौन सा आईटीआर भरना चाहिए और इस वित्त वर्ष के दौरान शेयर मार्केट में हुए नुकसान को आय में क्लेम किया जा सकता है। शेयर मार्केट में हुए नुकसान को आय में क्लेम किया जा सकता है?


प्रीति खुराना- डिलीवर बेस ट्रेडर हैं या इंट्राडे ट्रेड करते है, पहले ये जानना होगा। निवेश के लिए होल्ड करते हैं तो उसकी कमाई कैपिटल गेन होगी। इंट्राडे ट्रेडिंग बिजनेस मानी जाएगी। बिजनेस होने पर आईटीआर-III भरना होगा। बिजनेस के घाटे को आगे एडजस्ट कर सकते हैं। इंट्राडे ट्रेड का घाटा उसी के मुनाफे में एडजस्ट होगा। नॉन इंट्राडे के घाटे को किसी आय के साथ एडजस्ट कर सकते है। सैलरी छोड़कर दूसरी आय से एडजस्ट कर सकते हैं।