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टैक्स रिटर्न फाइल में CA की गलती पड़ेगी भारी, जानिए टैक्सपेयर कैसे बरते सावधानी

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Nov 09, 2019 पर 16:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।


इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर।


अगर समय बचाने के लिए या टैक्स की देनदारी से बचने के लिए आप CA रखते है तो उनपर आंख बंद कर कभी भरोसा ना करें। रिटर्न फाइलिंग से लेकर अपनी पर्सनल ई-मेल आईडी से लेकर दूसरी सभी जानकारी अपने   CA से साझा करते है लेकिन जरुरी नहीं कि हर बार आपका CA आपकी परेशानी को कम करें। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक मामला सामने आया है जहां CA की गलती को टैक्सपेयर को भरना पड़ा है। दरअसल क्लाइंट ने इनकम टैक्स विभाग की और से नोटिस आया था लेकिन CA ने उसे क्लाइंट तक नहीं पहुंचाया जिसका खामियाजा क्लाइंट को भुगतना पड़ा। ऐसे में अगर आपके साथ ऐसा कुछ ना हो? बताते है कि आपको क्या करना चाहिए?


टैक्सपेयर कैसे बरतें सतर्कता


टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि CA को व्यक्तिगत जानकारियां नहीं देनी चाहिए। ई-मेल आईडी और पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। IT विभाग से नोटिस मिलने पर CA को जानकारी दें। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नोटिस क्लाइंट तक नहीं पहुंचाने पर CA जिम्मेदार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक नोटिस का जवाब नहीं देने पर क्लाइंट दोषी होगा। समय-समय पर ई-मेल को चेक करते रहना चाहिए।


ई-फाइलिंग में लॉग-इन की समस्या


PAN डी- एक्टिवेट होने पर परेशानी आती है। पासवर्ड भूलने की वजह से भी लॉगइन नहीं होता है। फॉरगेट पासवर्ड के विकल्प को चुनिए। सीक्रेट सवाल में अपने हिसाब से जानकारी भरिए। ई-फाइलिंग के जरिए OTP जनरेट कीजिए। डिजिटव सिग्नेचर सर्टिफिकेट के जरिे लॉगइन कर सकते हैं। आधार की मदद से अकाउंट में लॉगइन कर सकते हैं। efilinghelpdesk@incometax.gov.in पर ई-मेल भेजिए।


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