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रिटर्न प्रोसेसिंग सिस्टम में बदलाव, जानिए क्यों है आपके काम की बात

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Dec 08, 2019 पर 10:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।


इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर।


रिटर्न प्रोसेसिंग सिस्टम में बदलाव


रिर्टन से जुड़े गलतियों को रोकने के लिए टैक्स डिपार्टमेंट ने प्रोसेसिंग सिस्टम में अहम बदलाव किए है। इस बदले हुए सिस्टम का टैक्सपेयर को भी खास ख्याल रखना होगा वरना एक छोटी सी गलती से आपको इनकम टैक्स का नोटिस भी आ सकता है। आखिर वह गलती क्या क्या हो सकती है इसपर बात करने के लिए टैक्स गुरु में मौजूद है टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली।


शरद कोहली का कहना है कि मार्च 2018 तक रिटर्न प्रोसेसिंग का तरीका अलग था। फॉर्म 26AS के जरिए रिटर्न का मिलान किया जाता था। फॉर्म 16, फॉर्म 16A में हुई गलतियां कई बार छूट जाती थीं। अब रिटर्न में भरी जानकारी मिलान फॉर्म 16 और 16A से होगा। गलती होने पर सेक्शन 139(9) के तहत नोटिस आ सकती है। गलती सुधारने के लि इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगइन करें। 15 दिनों के भीतर गलती को सुधारना होगा। गलती नहीं सुधारने पर रिफंड फंस सकता है।


गिफ्ट और ग्रेच्युटी मे कंफ्यूजन


5000 रुपये कक इम्प्लॉयर से मिले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता है। ग्रेच्युटी रिटायरमेंट के बाद मिलती है। निजी कंपनी में 5 साल से अधिक समय तक काम करने पर ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत नियम साफ है। ग्रेच्युटी निकालने का (15 X पिछली सैलरी X काम करने की अवधि) भाग 26 फॉर्मूला है।


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