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फॉर्म 16 मिलने में हो रही देरी, जानें इससे जुड़े आपके क्या हैं अधिकार

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Jul 18, 2019 पर 10:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। हमारे साथ मौजूद हैं टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढ़ा


फॉर्म 16 ज्यादातर जून तक मिल जाता है। टीडीएस रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाया गया है। फॉर्म 16 न देने पर इम्प्लॉयर पर पेनाल्टी का प्रावधान है। सेक्शन 272 के तहत 100 रुपये रोजान पेनाल्टी का नियम है। असेसिंग ऑफिर को इम्प्लॉयर की शिकायत कर सकते है। फॉर्म 16 में कोई भी गलती होने पर इम्प्लॉयर को जानकारी दें। फॉर्म 16 में गलती सुधारने के बाद रिटर्न फाइल कीजिए।


फॉर्म 16 में पार्ट A और पार्ट B TRACES से डाउनलोड होगा। आपके फॉर्म 16 और रिटर्न में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। फॉर्म 16 मिलने पर पैन नंबर, सैलरी और टैक्स छूट के ब्यौरे को जांच लें। इम्प्लॉयर का पैन, TAN, हस्ताक्षर और स्टांप को भी जांच लें।


नए निवेश की जानकारी इम्प्लॉयर को जरुर दें। इम्प्लॉयर को जानकारी नहीं होने पर रिटर्न में मिसमैच होगा। नौकरी बदलने पर पुराने और नए इम्प्लॉयर से दो फॉर्म 16 मिलेंगे। हालांकि दो फॉर्म 16 की वजह से टैक्स बचत 2 बार नहीं किया जा सकता है।