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दिवाली स्पेशलः टैक्स गुरु के साथ करें बचत प्लानिंग

प्रकाशित Sat, 03, 2018 पर 17:27  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली और गौरी चड्ढ़ा।


दिवाली पर मिले गिफ्ट पर टैक्स की गणित को समझाते हुए टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ व्यापारी दिवाली से नए वर्ष की शुरुआत करते है। 1 अप्रैल से फिर से उन्हें खाता शुरु करना पड़ेगा। ताकि वह कुछ खातों और टैक्स का एडजस्टमेंट कर सकें।


दिवाली पर स्टॉक्स बाजार भी खुलते है जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग कहा जाता है, तो  मुहूर्त ट्रेडिंग पर टैक्स की देनदारी पर बात करते हुए गौरी चड्ढ़ा का कहना है कि मुहूर्त ट्रेडिंग पर भी टैक्स लगेगा। अगर स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में 1 साल से कम रखने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा और अगर 1 साल से ज्यादा उस स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में रखा है तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा क्योंकि मुहूर्त ट्रेडिंग को बिजनेस माना जाता है। अगर इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेडर्स को घाटा होता है तो वह अगले 4 साल तक एडजस्ट कर सकते है।


वहीं बोनस पर टैक्स की देनदारी पर बात करते हुए टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि बोनस को सैलरी माना जाता है। अगर आप हाईएस्ट स्लैब में आते है  30 फीसदी के स्लैब में हैं तो टैक्स काटकर बोनस मिलेगा।