Moneycontrol » समाचार » टैक्स

गोल्ड और रियल एस्टेट के रिटर्न पर लगता है ये टैक्स

प्रकाशित Thu, 27, 2019 पर 15:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जब किसी सामान्य निवेशक से निवेश के विकल्प पूछेंगे तो उसका जवाब रियल एस्टेट और गोल्ड होगा। हालांकि पिछले कुछ साल में रियल एस्टेट और गोल्ड से मिलने वाले रिटर्न की चमक खो गई है। इसके साथ ही अगर आप रियल एस्टेट या गोल्ड पर्सनल इस्तेमाल के लिए खरीदते हैं तो उससे अर्थव्यस्था पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन अगर आप इनमें अपना निवेश घटाना चाहते हैं तो आपको टैक्स जरूर भरना होगा।


रियल एस्टेट और गोल्ड में निवेश से जब आप रिटर्न कमाते हैं तो उस पर दो तरह का टैक्स लगता है। एक लॉन्ग टर्म और दूसरा शॉर्ट टर्म।


गोल्ड


अगर आप अपना निवेश तीन साल तक बनाए रखते हैं और उसके बाद निकलते हैं तो उसे लॉन्ग टर्म कहते हैं। 3 साल से कम अवधि वाले निवेश को शॉर्ट टर्म कहते हैं।


गोल्ड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20 फीसदी है। इसमें इनफ्लेशन इंडेक्सेशन जोड़ ले तो यह 20.8 फीसदी हो जाता है।


सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड


सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के इंटरेस्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता। इसके शॉर्ट टर्म रिटर्न पर भी कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। लेकिन इस पर इंडेक्सेशन के साथ 20.8 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।


हालांकि इसके लिए लॉन्ग टर्म की परिभाषा अलग है। अगर सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड लिस्टेड है तो लॉन्ग टर्म 1 साल और अनलिस्टेड है तो लॉन्ग टर्म 3 साल माना जाएगा।


रियल एस्टेट


शॉर्ट टर्म पर कोई टैक्स नहीं लगता। लॉन्ग टर्म में इंडेक्सेशन के साथ 20.8 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है। इसके लिए लॉन्ग टर्म 2 साल है। इसका मतलब है कि अगर आप कोई प्रॉपर्टी 2 साल के बाद बेचते हैं तो उस पर लॉन्ग टर्म टैक्स देना होगा।