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फॉर्म 16 का हर जरूरी पहलू, जाने क्या है आपके सभी अधिकार

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Jun 20, 2019 पर 12:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट गौरी चढ्डा।


फॉर्म 16 से जुड़े आपके अधिकारों के बारे में बात करते हुए टैक्स एक्सपर्ट गौरी चढ्डा का कहना है कि ज्यादातर फॉर्म 16 जून तक मिल जाता है। TDS रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाया गया है। फिलहाल 10 जुलाई तक फॉर्म 16 मिलेगा। टैक्सपेयर्स फॉर्म 16 में लिखी सभी जानकारी को देखें। अगर आपका इम्प्लॉयर फॉर्म 16 नहीं देता तो इम्प्लॉयर पेनाल्टी का प्रावधान है। सेक्शन 272 के तहत 100 रुपये रोजाना पेनाल्टी का नियम है। असेसिंग ऑफिर को इम्प्लॉयर की शिकायत कर सकते है।


फॉर्म 16 में कोई भी गलती होने पर इम्प्लॉयर को जानकारी दें। फॉर्म 16 में गलती सुधारने के बाद रिटर्न फाइल कीजिए। फॉर्म 16 में पार्ट A और B TRACES से डाउनलोड होगा। ध्यान रहें आपके फॉर्म 16 और रिटर्न में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। फॉर्म 16 मिलने पर पैन नंबर, सैलरी और टैक्स छूट के ब्यौरे को जांच लें। साथ ही इम्प्लॉयर का पैन, TAN, हस्ताक्षर और स्टांप को भी जांच लें।


नए निवेश की जानकारी इम्प्लॉयर को जरुर दें। इम्प्लॉयर को जानकारी नहीं होने पर रिटर्न में मिसमैच होगा। नौकरी बदलने पर पुराने और नए इम्प्लॉयर से दो फॉर्म 16 मिलेंगे। दो फॉर्म 16 की वजह से टैक्स बचत दो बार नहीं कर सकते है।