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टैक्स गुरुः रिटर्न से जुड़ी हर बारीकियों पर पाएं हल

हाजिर है टैक्स गुरु जिसमें आपकी परफेक्ट टैक्स प्लानिंग में मदद करेंगी टैक्स एक्सपर्ट प्रीति खुराना।
अपडेटेड Jul 09, 2016 पर 16:21  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

हाजिर है टैक्स गुरु जिसमें आपकी परफेक्ट टैक्स प्लानिंग में मदद करेंगी टैक्स एक्सपर्ट क्लियरटैक्स डॉट इन की प्रीति खुराना।   


कैपिटल गेन और रिटर्न

एसआईपी के जरिए काफी लोग निवेश करते हैं। कैपिटल गेन निकालने के लिए निवेश की लागत जानना जरुरी है। टैक्सपेयर एफआईएफओ नियम के आधार पर लागत निकालें और कैपिटल गेन निकालकर उसे रिटर्न में दिखाएं। इक्विटी में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 15 फीसदी और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स शून्य है। डेट म्युच्युअल फंड में शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स स्लैब के मुताबिक टैक्स लगता है और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स 20 फीसदी(इंडेक्सेशन के बाद) लगता है। 


सेक्शन 80डी के नियम

सेक्शन 80डी के तहत इंश्योरेंस प्रीमियम की पूरी रकम पर टैक्स छूट मिल सकती है। करदाता आपने मां के इलाज के लिए 80डी के तहत छूट क्लेम कर सकते हैं। इसमें अधिकतम 30,000 रु की छूट मिल सकती है। सेक्शन 80डी में छूट की शर्ते यह है कि मां की उम्र 80 साल से ज्यादा हो और उनका कोई मेडिकल इंश्योरेंस ना हों। वहीं सेक्शन 80डीडीबी में भी आश्रित संबंधी के इलाज पर छूट का प्रावधान है। इसमें खास बीमारियों के इलाज पर छूट मिलती है। ये छूट अधिकतम 80,000 रु तक की मिलती है। मां का रिटर्न भरने के लिए करदाता को वारिस होने का सबूत देना होगा।


प्रॉपर्टी और रिटर्न

अगर आपके पास 2 प्रॉपर्टीज है और कैपिटल गेन नहीं है तो आईटीआर-2ए भरना होगा। करदाता पहली प्रॉपर्टीज से रेंटल इनकम दिखा सकते हैं और दूसरी प्रॉपर्टीज के लोन की ईएमआई पर छूट क्लेम कर सकते हैं। करदाता ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं।  


एनआरआई के लिए टैक्स के नियम

भारत में 182 दिन से कम रहने पर उस व्यक्ति को एनआरआई माना जाएगा। एनआरआई की भारत के बाहर आय पर टैक्स नहीं लगेगा, सिर्फ भारत में हुई आय पर भी टैक्स देना होगा।


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