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इनकम टैक्स कैसे बचाएं..सैलरी क्लास के लिए कमाल के टिप्स

प्रकाशित Wed, 26, 2019 पर 07:58  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आप नौकरीपेशा हैं और टैक्स बचाने की जुगत भिड़ा रहें हैं, तो फिर अब आपको देर करने की जरूरत नहीं है। कई ऐसी योजनाएं हैं, जिसके जरिए टैक्स में लाखों रुपये तक की बचत कर सकते हैं। टैक्स बचाने के लिए कई ऐसे कानूनों का प्रावधान है, जिसके जरिए आप अपनी सैलरी का काफी बड़ा हिस्सा बचा सकते हैं। टैक्स बचाने के लिए आपको कुछ निवेश करना पड़ सकता है। साथ ही कानून में टैक्स बचाने के लिए प्रावधान भी है। आइये जानते हैं उन योजनाओं के बारे में, जिनमें भारी-भरकम टैक्स बचाया जा सकता हो। 


सेक्शन 80C: PPF, NPS, लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम्स


इनकम टैक्स कानून की धारा 80 सी सैलरी बचाने के लिए बेहतर ऑप्शन है। इसमें आप 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स बचा सकते हैं। इसमें पीपीएफ, एनएससी, पांच साल की एफडी, पांच साल एनएससी, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम, सुकन्या योजना शामिल है। बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन के मूलधन के भुगतान पर भी छूट मिलती है।
 
सेक्शन 80 डी मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम


सेक्शन 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा को लेकर आप अपने लिए, बच्चों, परिवार और पैरेंट्स की निर्भरता पर छूट का दावा कर सकते हैं। अपने या परिवार के प्रीमियम के लिए कटौती की सीमा सालाना 25,000 रुपये है। एक फाइनेंशिएल ईयर में एक व्यक्ति 50,000 रुपये तक का दावा कर सकता है। हेल्थ चेकअप पर 50 हजार रुपये की कटौती का दावा किया जा सकता है। हालंकि इसमें एज लिमिट शामिल है।


सेक्शन 24 होम लोन पर ब्याज 


टैक्स बचाने के लिए दूसरा सबसे बड़ा रास्ता होम लोन है। सेक्शन 24 के अंतर्गत किसी वित्त वर्ष में ब्याज के भुगतान पर 2 लाख रुपये तक की रियायत भी मिलती है। लेट आउट प्रॉपर्टी के लिए, एक वित्तीय वर्ष में होम लोन पर चुकाए गए पूरी ब्याज का दावा कर सकते हैं। होम लोन के मूल धन पर सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है।
 
सेक्शन 80E: उच्च शिक्षा पर लोन की कटौती


इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80E के तहत एजुकेशन लोन के ब्याज पर आयकर में छूट मिलती है। इसमें अधिकतम रकम की कोई सीमा नहीं है। इससे आपके लिए एजुकेशन लोन की प्रभावी ब्याज दर बहुत कम हो जाती है। देश या देश से बाहर (विदेश) में पढ़ने के लिए लोन बैंक या वित्तीय संस्थान से लेना चाहिए। आप अपनी हायर एजूकेशन या पत्नी या बच्चों की हायर एजूकेशन के लिए सेक्शन 80 ई में छूट का दावा कर सकते हैं।
 
सेक्शन 80G डोनेशन में छूट का दावा


धार्मिक संस्थानों को दान करने वाला व्यक्ति इनकम टैक्स के सेक्शन 80जी के तहत छूट का दावा कर सकता है। दान का भुगतान करने के लिए नकद के अलावा एक सिस्टम के तहत करना चाहिए। अधिकतम नकद दान की राशि दो हजार रुपये है। इसके बाद की धनराशि संस्थान के पर निर्भर करती है वो कितना दान ले सकते हैं। सरकार द्वारा नोटईफाई कई फंड में दान करने से आप 100 फीसदी रकम पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं।


सेक्शन 80 TTA सेविंग एकाउंट इंट्रेस्ट पर कटौती  


बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज पर भी सेक्शन 80टीटीए के तहत छूट का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए आप अधिकतम 10,000 रुपये के ब्याज पर छूट हासिल कर सकते हैं। वहीं सीनियर सिटीजन्स के लिए सेक्शन 80 TTB  के तहत 40,000 रुपये तक की छूट का दवा कर सकते हैं। हालांकि यह कटौती केवल जमा खातों से ब्याज के लिए है। 


सेक्शन 80 EE:  आवास ऋण पर ब्याज के लिए अतिरिक्त कटौती


सेक्शन 80ईई के अनुसार, पहली बार घर खरीदने वाले लोगों को ब्याज पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट मिलती है। हालांकि, इसके लिए लोन राशि का 35 लाख रुपये और घर की कीमत का 50 लाख रुपये से कम होना अनिवार्य है। कोई व्यक्ति इस कटौती का दावा तभी कर सकेगा, जब उसके पास लोन लेते समय कोई अन्य संपत्ति न हो।