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क्या करेगी सरकार, कितना कालाधन निकलने की उम्मीद!

इनकम टैक्स विभाग फुल एक्शन में है। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
अपडेटेड Sep 29, 2016 पर 18:45  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अगर आपने अब तक अपने ब्लैक मनी को सफेद करने के लिए सरकार की आईडीएस स्कीम के तहत एलान नहीं किया है तो अब आपके पास सिर्फ 24 घंटे हैं, क्योंकि काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इनकम टैक्स विभाग फुल एक्शन में है। अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जगह-जगह कारोबारियों को जागरूक किया जा रहा है तो छापेमारी भी चल रही है। लोगों में हड़कंप है तो कन्फ्यूजन भी कम नहीं है, इसलिए हम बता रहे हैं आपको कि आखिर क्यों इस स्कीम के तहत काले धन को सफेद करने के मौके को भुना लीजिए। कैसे ये आपके लिए फायदे का सौदा है।


अब बस 24 घंटे बचे हैं कालाधन वापसी स्कीम के खत्म होने में, लेकिन अंतिम समय तक लोग कालेधन का खुलासा कर सकते हैं। सरकार कालेधन पर दोतरफा कदम उठा रही है। आईडीएस स्कीम को कामयाब बनाने के लिए इनकम टैक्स अधिकारी मुख्य शहरों के सड़कों पर उतर आए हैं। आज सड़कों पर लाउड स्पीकर लगाकर लोगों को योजना बताई गई। कालेधन के खुलासे की इस योजना की आज और कल समीक्षा होगी।


इनकम टैक्स विभाग का दावा है कि सरकार की ये स्कीम सफल रही है। सरकार की ओर से भी इस स्कीम के आंकड़ों को बेहतर तरीके से पेश किया जाएगा। दरअसल सरकार कालेधन की योजना को सफल बनाने की तैयारी में जी-जान से जुटी है। सरकार की ओर से कालेधन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी।


हालांकि, ऐसे कई लोग हैं जो आईडीएस यानि इनकम डिक्लरेशन स्कीम को लेकर दुविधा में हैं। लोगों को डर है कि 45 फीसदी का टैक्स बहुत ज्यादा है लेकिन हम आपको बताते हैं कि असल में टैक्स महज 32 फीसदी है आइए जानते हैं कैसे? बता दें कि घोषित आईडीएस टैक्स की रेट 45 फीसदी है। लेकिन वास्तविक टैक्स दर 45 फीसदी से बहुत नीचे है। फिलहाल इनकम टैक्स की सबसे ऊंची दर 34 फीसदी है। आईडीएस स्कीम में भी टैक्स इससे कम है।


आईडीएस में टैक्स भुगतान करने का समय 30 नवंबर 2017 तक है। एडवांस टैक्स पर ब्याज की बचत मिलेगी। वहीं सोने का भाव 1 जून 2016 के 28600 प्रति 10 ग्राम की दर से आंका जाएगा जबकि सोने का मौजूदा भाव 31500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। गौरतलब है कि नवंबर 2017 तक टैक्स देने से 4.10 फीसदी ब्याज की बचत मिलेगी। एडवांस टैक्स पर दिया जाने वाला ब्याज करीब 4.22 फीसदी है। वहीं सोने के भाव बढ़ने से 4.56 फीसदी की बचत होगी जबकि टैक्स पर कुल 12.88 फीसदी की बचत होगी। इस तरह देखें तो आईडीएस पर वास्तविक टैक्स रेट 32.12 फीसदी आती है।


बता दें कि 1 जून से शुरू हुई इनकम डिक्लेरेशन स्कीम 2016 के तहत अपनी आय का 30 सितंबर तक खुलासा किया जा सकता है। इस स्कीम के जरिए कारोबार में पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही है। इनकम डिक्लेरेशन स्कीम यानी आईडीएस का मकसद है बैलेंस शीट में पारदर्शिता लाना। काला-धन सफेद करने का एक मौका देना और साफ-सुथरे तरीके से कारोबार करने का मौका मुहैया कराना है।


आईडीएस से कानूनी तरीके से कमाए अघोषित आय रखने वाले लोगों को फायदा होगा। इसके तहत करप्शन, स्मगलिंग का पैसा डिक्लेयर नहीं हो सकता। ज्वेलरी, प्रॉपर्टी निवेश और कैश डिक्लेयर हो सकता है। शादी-ब्याह के खर्च भी स्कीम में शामिल हैं। आईडीएस के तहत आय का स्रोत नहीं पूछा जाएगा। आईडीएस में खुलासे पर रकम पर 30 फीसदी टैक्स और 7.5 फीसदी कृषि कल्याण सेस के साथ 7.5 फीसदी पेनाल्टी लगेगी। इस तरह खुलासा की गई रकम की कुल लायबिलिटी 45 फीसदी होती है।


आईडीएस में खुलासे पर टैक्स का 25 फीसदी 30 नवंबर 2016 तक जमा करना होगा। अगला 25 फीसदी 31 मार्च 2017 तक भरना पड़ेगा। वहीं बाकी 50 फीसदी जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2017 है। इनकम डिक्लेरेशन स्कीम 2016 के तहत पुराने सालों की डिक्लेरेशन कभी भी कर सकते हैं। इसके तहत किसी भी साल की कोई भी इनकम डिक्लेयर की जा सकती है। लेकिन 153 सी की नोटिस मिलने पर डिक्लेरेशन संभव नहीं है। इनकम टैक्स रेड के मामले में भी डिक्लेरेशन संभव नहीं है।


अगर सर्वे हुआ हो तो उस साल का डिक्लेरेशन नहीं किया जा सकता। 142 के नोटिस पर उस साल का छोड़कर बाकी सालों का डिक्लेरेशन किया जा सकता है। डिक्लेरेशन गलत पाए जाने पर इनवैलिड कर दिया जाएगा। इसके साथ ही करप्शन का पैसा होने पर भी डिक्लरेशन अवैध माना जाएगा।