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टैक्स बचाना है तो सुकन्या समृद्धि जैसी इन योजनाओं में करें निवेश, मिलेगा बेहतर फायदा

अगर आप इनकम टैक्स कानून के तहत तय माध्यमों में निवेश करते हैं तो यह टैक्स बचा सकते हैं
अपडेटेड Oct 13, 2020 पर 18:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो उसे इस अतिरिक्त इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा। लेकिन, अगर आप इनकम टैक्स कानून के तहत तय माध्यमों में निवेश करते हैं तो ये आपकी टैक्स देनदारी कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि जहां आप निवेश करते हैं, उसमें रिटर्न मिलता है, उस पर आपको टैक्स चुकाना होता है।


1 – सेविंग अकाउंट में लगने वाला टैक्स


अगर आपका सेविंग अकाउंट (Saving Account) है तो उस पर जमा राशि पर बैंक ब्याज (Interest) देते हैं। लेकिन अगर आपको मिलने वाली इंट्रेस्ट राशि 10,000 रुपये से अधिक है तो उस पर जो भी एक्स्ट्रा अमाउंट होगा। उस पर टैक्स चुकाना होगा।


नेशनल सेविंग सार्टिफिकेट (NSC)


इनकम टैक्स एक्ट 80C  के तहत आप छूट का दावा कर सकते हैं। इसमें जो सालाना इट्रेस्ट मिलता है वो उसी में निवेश हो जाता है। लिहाजा इसमें कोई टैक्स नहीं चुकाना होता है। लेकिन इसमें मेच्योरिटी के समय दूसरे सोर्स से मिली इनकम के तहत टैक्स देना पड़ता है। लिहाजा आप किस स्लैब पर आते हैं। यह आपके ऊपर निर्भर करता है।


PPF अकाउंट


पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF में निवेश करने पर इनकम टैक्स एक्ट 80C के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। PPF  में जमा पैसा जब मेच्योर हो जाता है। उसमें जो भी इंटेस्ट मिलता है उस राशि पर इंट्रेस्ट नहीं देना होता है।


बैंक FD  पर टैक्स


अगर आप बैंक fixed Deposit (FD) करते हैं तो उस पर मिलने वाले इंट्रेस्ट पर टैक्स देना होता है। इसके अलावा बैंक भी इसमें 10 फीसदी TDS काटते हैं। अगर आप हाएर टैक्स स्लैब में आते हैं तो आपका एक्स्ट्रा टैक्स चुकाना पड़ेगा।


सुकन्या समृद्धि योजना


सुकन्या समृद्धि योजना में मेच्योरिटी के समय मिलने वाले इंट्रेस्ट राशि पर इंट्रेस्ट नहीं लगता है। इसमें निवेश करने पर आप इनकम टैक्स एक्ट 80C  के तहत छूट का दावा कर सकते हैं।


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