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होम लोन की EMI चुका रहे हैं या रेंट पर रह रहे हैं? जानिए क्या हैं टैक्स बेनेफिट्स

जिस तरह सेक्शन 80C के तहत चुकाए गए मूलधन पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं, उसी तरह से सेक्शन 24(b) सालभर में चुकाए गए इंटरेस्ट पर टैक्स बेनेफिट देता है
अपडेटेड Jan 29, 2020 पर 13:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आपका घर- चाहे वह आपका खुद का हो, या रेंट पर हो या लीज पर दिया गया हो- आपको कई तरह के टैक्स बेनेफिट्स दे सकता है। होम लोन पर चुकाया गया ब्याज हो या मूलधन की रकम हो या अपने मकान मालिक को दिया गया रेंट हो, इनकम टैक्स एक्ट इन सब पर अलग-अलग सेक्शंस के तहत डिडक्शन और ब्रेक्स की इजाजत देता है। गुजरे कुछ सालों में कई टैक्स इनसेंटिव्स का ऐलान किया गया है और कुछ को वापस भी लिया गया है। यहां हम आपको फिलहाल मिल रहे टैक्स ब्रेक्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं।


होम लोन के प्रिंसिपल का भुगतान


सबसे मशहूर सेक्शन 80C है। यह सेक्शन टैक्सपेयर्स को कई तरह से डिडक्शन की इजाजत देता है। इनमें इक्विटी सेविंग स्कीम्स (ELSS), पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) में किए गए निवेश और लाइफ इंश्योरेंस का चुकाया गया प्रीमियम समेत अन्य निवेश के ठिकाने शामिल हैं। इसकी ओवरऑल लिमिट 1।5 लाख रुपये है। अगर आप अपना होम लोन चुका रहे हैं, जो पैसा आपने घर के कंस्ट्रक्शन या घर खरीदने के लिए लिया है और जिसमें आप रह रहे हैं, तो आप सालभर में चुकाए गए मूलधन पर डिडक्शन के हकदार होंगे।


शुरुआती सालों में प्रिंसिपल का हिस्सा ज्यादा नहीं होता और ऐसे में आपको पूरी 1।5 लाख रुपये की लिमिट का फायदा नहीं मिल पाता। यह संभव है कि प्रॉविडेंट फंड में योगदान समेत दूसरे कमिटमेंट्स के बावजूद आपको टैक्स ब्रेक्स का अधिकतम फायदा उठाने के लिए अतिरिक्त निवेश भी करने पड़ें।


हाउसिंग लोन पर चुकाया गया इंटरेस्ट


जिस तरह से आप सेक्शन 80सी के तहत चुकाए गए प्रिंसिपल अमाउंट पर डिडक्शन को क्लेम कर सकते हैं, उसी तरह से सेक्शन 24(b) होम लोन पर चुकाए गए ब्याज पर टैक्स छूट देता है। यह सेक्शन साल में चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक का टैक्स डिडक्शन देता है। यह छूट सेल्फ-ऑक्युपाइड हाउस प्रॉपर्टी पर मिलती है। अगर आपके पास दो घर हैं और इनमें से किसी को भी किराए पर नहीं दिया गया है तो दोनों ही सेल्फ-ऑक्युपाइड की कैटेगरी में आएंगी। यह क्लॉज 2019-20 के अंतरिम बजट में एक संशोधन के ऐलान के साथ लाया गया है।


अब दूसरा घर डीम्ड या नोशनल बेसिस के आधार पर टैक्स के तहत नहीं माना जाएगा। लेकिन, ऐसा तभी होगा जबकि यह घर पारिवारिक निवास या पूरे साल खाली रखा जाएगा। ऐसा तब भी हो सकता है जबकि आप दूसरी जगह पर नौकरी कर रहे हों और आपका घर खाली पड़ा हो। हालांकि, अगर दोनों घरों को होम लोन के जरिए खरीदा गया है तो इस सेक्शन के तहत टोटल डिडक्शन 2 लाख रुपये सालाना तक ही सीमित रहेगा। पीडब्ल्यूसी इंडिया ग्लोबल मोबिलिटी प्रैक्टिस के पार्टनर और लीडर कुलदीप कुमार के मुताबिक, "संशोधन आने से पहले तक टैक्सपेयर्स को एक प्रॉपर्टी सेल्फ-ऑक्युपाइड के तौर पर मानने और दूसरी प्रॉपर्टी के लोन पर चुकाए गए इंटरेस्ट को अलग से डिडक्शन के लिए क्लेम करने की इजाजत थी।"


इस प्रोविजन के तहत टैक्स बेनेफिट 2 लाख रुपये सालाना तक सीमित था, लेकिन बकाया रकम को आठ असेसमेंट साल के कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता था। वह कहते हैं, "अब यह टैक्स बेनेफिट केवल तभी क्लेम किया जा सकता है जबकि आप वास्तव में दूसरी हाउस प्रॉपर्टी को किराए पर दें। दूसरे घर को किराए पर दिया हुआ मानकर चलने का कोई प्रावधान नहीं है।"


अगर आपका लोन अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ है तो आप चुकाए गए ब्याज पर पांच साल तक टैक्स छूट ले सकते हैं। यह छूट कंस्ट्रक्शन के पूरा होने के साल से शुरू होगी। क्लीयरटैक्स के सीईओ और फाउंडर अर्चित गुप्ता के मुताबिक, "अगर आप प्री-कंस्ट्रक्शन इंटरेस्ट को चुका रहे हैं तो इसे भी सालाना आधार पर पांच समात किस्तों में क्लेम किया जा सकता है।" हालांकि, अधिकतम डिडक्शन की सीमा 2 लाख रुपये ही रहेगी।


पहली बार घर खरीद रहे बायर का ब्याज भुगतान


2016-17 के आम बजट में पहली बार घर खरीद रहे लोगों को 50,000 रुपये का अतिरिक्त डिडक्शन देने का फैसला किया गया था। यह छूट ऐसे लोगों को मिली जिनका लोन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक स्वीकृत हो गया था। सेक्शन 80ईई के तहत मिलने वाला टैक्स ब्रेक ऐसे घरों पर लागू होता है जिनकी वैल्यू 50 लाख रुपये से ज्यादा न हो और लोन अमाउंट 35 लाख से ज्यादा न हो।


केंद्रीय बजट 2019 में एक सेक्शन 80EEA लाया गया जो कि 1 अप्रैल 2019 और 31 मार्च 2020 के बीच लिए गए होम लोन पर इंटरेस्ट को कवर करता है। यह भी पहली बार घर खरीदने वालों के लिए ही है। इस सेक्शन के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़ाकर 1।5 लाख रुपये की गई जबकि प्रॉपर्टी की वैल्यू को 45 लाख रुपये पर सीमित कर दिया गया।


एचआरए की छूट


अगर आप अपने वेतन में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के हकदार हैं तो यह रकम सेक्शन 10(13A) के तहत एग्जेम्पशन के लिए योग्य है। एग्जेम्पशन हासिल हुए वास्तविक एचआरए का निचला स्तर, आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (डीए) का 50 फीसदी होगा, अगर आप मेट्रो शहर में रह रहे हैं, अन्यथा यह 40 फीसदी होगा, या वास्तविक चुकाए गए रेंट माइनस आपकी सैलरी का 10 फीसदी (बेसिक और डीए) होगा। यहां तक कि अगर आपका नियोक्ता यह अलाउंस आपको नहीं देता है या आप सेल्फ-एंप्लॉयड हैं तभी आप चुकाए गए रेंट पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म 10बीए भरना होगा। यह 5,000 रुपये महीने, इनकम के 25 फीसदी या टोटल इनकम के 10 फीसदी से ज्यादा जितना रेंट चुकाया गया है, इसमें से जो भी कम होगा उसका क्लेम किया जा सकेगा।


प्रीति कुलकर्णी की रिपोर्ट 


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