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ITR फाइल करने में ये छुपाया तो लगेगा 200 फीसदी जुर्माना

इनकम टैक्स फाइल करते समय अधिकतर कभी-कभी कोई गलती हो जाती है। लेकिन ये गलती आगे चलकर आपको मुसीबत का सबब बन सकती है
अपडेटेड Aug 06, 2019 पर 15:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को एक महीना बढ़ा दिया गया है। जिससे अब आखिरी तारीख 31 अगस्त हो गई है। रिटर्न फाइल करते समय आपको सावधआनी रखने की बेहद जरूरत है। कोई गलत जानकारी आपको सजा दिला सकती है। ज्यादातर सैलरी क्लास के लोग अपना इनकम टैक्स रिटर्न खुद ही फाइल करते हैं। इसलिए कभी कोई गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए। साथ ही कोई गलती भी नहीं करनी चाहिए। कोई गलत जानकारी देने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके ऊपर 200 फीसदी तक जुर्माना लगा सकता है।


बैंक से सेविंग एकाउंट और फिक्स डिपोजिट पर मिलने वाला ब्याज


बैंक के सेविंग एकाउंट से और फिक्स डिपोजिट से 1000 रुपये से अधिक ब्य़ाज मिलती है तो उस पर टैक्स लगता है।


इसलिए अगर आपको इससे कम ब्याज भी मिलती है तो भी रिटर्न फाइल करते समय इसका जिक्र जरूर करें। और फिर इनकम टैक्स एक्ट 80 TTA के तहत क्लेम करने की आवश्यकता है। और अगर ऐसी आय 10,000 रुपये से अधिक है तो एक्सट्रा राशि पर उस पर टैक्स देने की आवश्यकता है। यहां पर एक और खास बात ये है कि कुछ लोगों को लगता है कि एफडी या सेविंग एकाउंट से टीडीएस काटा जाता है तो उसे आईटीआर में जिक्र करने की जरूरत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है। क्योंकि यह एक ऐसा मामला हो जाता है जब टैक्स की दर में अंतर आ जाता है। जिस टीडीएस काटा जाता है। लिहाजा आपको रिटर्न फाल करते समय पूरी ब्याज का विवरण देना होगा।


माइनर (नाबालिग) बच्चों क निवेश पर अर्जित आय


एक साल में प्रत्येक नाबालिग बच्चे क नाम पर तकरीबन 1500 रुपये की आय को टैक्स में छूट दी गई है, और इसकी लिमिट से ऊपर की इनकम पर पेरेंट्स की इनकम के साथ जोड़ा जाना चाहिए जिसकी अधिक कमाई हो। इसलिए कानून का उल्लंघन न करें और मामले में clubbing से बचें। नाबालिग बच्चों के नाम पर निवेश छूट की सीमा से अधिक राशि कमाते हैं।


दूसरी प्रॉपर्टी के लिए नोशनल इनकम जिसे बाहर माना जाता है


इनकम टैक्स एक्ट केवल एक घर की संपत्ति की अनुमति देता है। जिसमें टैक्स की छूट है। इसके अलावा किसी अन्य प्रॉपर्टी को संपत्ति माना जाता है। दूसरी संपत्ति से मिलने वाली आय पर टैक्स देना होता है। भले ही उससे कमाई हो या न हो। नोशनल रेंट वो रेंट है जिसमें आपको दूसरी प्रॉपर्टी से किराया मिलता हो।  आप अपने होम लोन पर दूसरे किराए की आय का 30 फीसदी का क्लेम कर सकते हैं। बहरहाल, यहां पर ध्यान देने की बात ये है कि अंतरिम बजट में सरकार ने दो घरों के मालिक बनने का अधिकार दे दिया है। 


म्यूचुअल फंड में स्कीम ट्रांसफर से कैपिटल गेन



आम तौर म्यूचुअल फंड क निवेशक एक स्कीम स दूसरी स्कीम बदलते रहते हैं। ऐसे में आपको रिटर्न फाइल करते समय म्यूचुअल फंड के बारे में पूरी स्कीम के बारे में विस्तार से जानकारी देनी चाहिए। आपको स्कीम बदलने पर जो लाभ हुआ है. उसका जिक्र करना चाहिए। अगर आपने इस तरह की पूरी जानकारी नहीं दी तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपको इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन 148 के तहत नोटिस भेज सकता है और बगैर लाइसेंस की आय पर 200 फीसदी तक जुर्मना ठोक सकते हैं।