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Income Tax Return: रिटर्न फाइल करने से पहले जान लीजिए ITR-1 Form (सहज) फॉर्म आपके लिए है या नहीं

नए ITR फॉर्म में वित्त वर्ष 2020 के पहले क्वार्टर (Q1) में किए टैक्स सेविंगस की जानकारी देने के लिए एक सेपरेट टेबल दिया गया है, ताकि टैक्सपेयर इसका फायदा उठा सकें और टैक्स छूट का लाभ ले सकें
अपडेटेड Oct 21, 2020 पर 11:30  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक आ रही है। कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (Central Board of Direct Taxes- CBDT) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाई है। अब टैक्सपेयर (Taxpayers) अपना ITR 30 नवंबर, 2020 तक दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए Income Tax विभाग ने अपनी ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आईटीआर-1 (ITR-1) फॉर्म जारी किया है, जिसे सहज (Sahaj) भी कहते हैं।

नए ITR फॉर्म में वित्त वर्ष 2020 के पहले क्वार्टर (Q1) में किए टैक्स सेविंगस की जानकारी देने के लिए एक सेपरेट टेबल (separate table) दिया गया है, ताकि टैक्सपेयर इसका फायदा उठा सकें और टैक्स छूट का लाभ ले सकें। इसी के लिए ITR-1 फॉर्म (सहज) जारी किया गया है। यह फॉर्म केवल सैलरी पाने वाले लोगों के लिए है, जिनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये से कम है। सहज फॉर्म केवल भारत में रहने वाले भारतीय नागरिक भर सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की सालाना सैलरी 50 लाख से ज्यादा है या किसी व्यक्ति को खरीदे गए स्टॉक्स या शेयर से सालाना 10 लाख से अधिक लाभांश (Dividend) मिलता है तो वे इस फॉर्म को भरने के पात्र नहीं हैं।

ये लोग भर सकते हैं ITR-1 फॉर्म

- यह फॉर्म केवल देश में रहने वाला भारत का नागरिक भर सकता है। इस फॉर्म को संयुक्त परिवार (HUF) के तौर पर नहीं भरा जा सकता है।
- सैलरी पाने वाले वे लोग, जिनकी सालाना इनकम 50 है, वे इसे भर सकते हैं।
- किसी एक प्रोपर्टी से मिलने वाले रूम रेंट या हाउस प्रोपर्टी से होने वाले आय या नुकसान पर इस फॉर्म को भरा जा सकता है।
- इनकम के दूसरे सोर्स जैसे बैंक द्वारा दिए जाने वाले Interest से आय होने पर इसे भरा जा सकता है। लेकिन, लॉटरी या हॉर्स रेस आदि से आय होने पर इसे नहीं भरा जा सकता।
- पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों की कमाई को एकसाथ जोड़कर होने वाले आय के लिए ITR-1 फॉर्म भरा जा सकता है।

ये लोग नहीं भर सकते सहज फॉर्म

- भारत के वैसे नागरिक जो विदेश में रहते हैं या जो संयुक्त परिवार (HUF) में रहते हैं, वे इस फॉर्म को भरने के पात्र नहीं है।
- अगर किसी कंपनी में निदेशक (Director) के पद पर तैनात हैं तो इस फॉर्म को नहीं भर सकते।
- अगर आपकी इनकाम 50 लाख से अधिक है तो भी ITR-1 फॉर्म नहीं भरा जा सकता है।
- जिन लोगों के पास एक से अधिक घर या हाउस प्रोपर्टी है और उनसे कमाई होती है तो ऐसे लोग यह फॉर्म नहीं भर सकते हैं।
- जिन लोगों ने पिछले साल अनलिस्टेड इक्विटी शेयर खरीदे वे इसके पात्र नहीं हैं।
- जिन लोगों के पास भारत के बाहर संपत्ति (Assets) और बैंक अकाउंट हैं वे भी यह फॉर्म नहीं भर सकते हैं।
- बिजनेस से होने वाली आय या कैपिटेल गेन्स होने पर ITR-1 फॉर्म नहीं भर पाएंगे।
- भारत से बाहर की संपत्ति या दूसरे श्रोतों से जिन लोगों को इनकम होती है, वे इस फॉर्म को भरने के योग्य नहीं हैं।

ऑनलाइन ITR दाखिल करने का तरीका

- सबसे पहले विभाग के पोर्टल incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं।
- इसके बाद e-File टैब पर क्लिक करें और इनकम टैक्स रिटर्न लिंक पर क्लिक करें।
- प्रिपेयर एंड सबमिट ऑनलाइन के विकल्प को चुनें और कंटीन्यू (continue) बटन पर क्लिक करें।
- इसके बाद ITR फॉर्म में सभी जानकारियां भरें और सेशन टाइम आउट से बचने के लिए सेव ड्राफ्ट बटन पर क्लिक करते रहें।
- इसके बाद Tax Paid and Verification टैब में वेरिफिकेशन ऑप्शन को चुनें और प्रिव्यु एंड सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करें
- इसके लिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करें और बैंक अकाउंट नंबर pre-validate करें।
- इसके बाद e-verify लिंक पर जाएं और acknowledgment नबंर दर्ज करें।
- बैंक अकाउंट नंबर से e-verify के ऑप्शन को चुनें और EVC तैयार करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर EVC भेजा जाएगा।
- रिटर्न को verify करने के लिए पोर्टल पर इस कोड को दर्ज करें।

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