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Income Tax: TDS कटौती सहित इनकम टैक्स के ये 5 नियम 1 अप्रैल से बदल जाएंगे, आप भी जान लें

बजट में इनकम टैक्स के नियमों में कुछ बदलाव किए गए, ताकि सैलरीड क्लास को ITR फाइल करने में आसानी हो, ये बदलाव 1 अप्रैल 2021 से लागू होंगे
अपडेटेड Feb 06, 2021 पर 09:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

आगामी वित्त वर्ष के लिए पेश आम बजट में मिडिल क्लास और सैलरीड क्लास को इनकम टैक्स में किसी तरह की राहत नहीं दी गई। केवल सीनियर सिटीजंस जिनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक है और जो पेंशन पर आश्रित हैं, उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न भरने से मुक्त कर दिया गया। अधिक से अधिक लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करें, इसके लिए बजट 2021 में इनकम टैक्स रिटर्न फाइन नहीं करने वालों के लिए सख्त नियमों का प्रावधान किया गया है। बजट में इनकम टैक्स के नियमों में कुछ बदलाव किए गए, ताकि सैलरीड क्लास (Salaried Class) को रिटर्न (ITR) फाइल करने में आसानी हो। ये बदलाव 1 अप्रैल, 2021 से लागू होंगे। हरेक टैक्सपेयर के इन 5 बदले हुए नियमों के बार में जानकारी होनी चाहिए।

EPF contribution यानी कर्मचारी भविष्य निधि में योगदान

इनकम टैक्स के नए नियमों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2021 से सालाना 2.5 लाख रुपये से अधिक के कर्मचारियों के पीएफ योगदान पर मिलने वाला इंटरेस्ट अब टैक्सेबल होगा। जिन कर्मचारियों की इनकम अधिक है उनको मिलने वाली टैक्स छूट को तर्कसंगत बनाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसके ऐलान किया।

प्री-फील्ड ITR फॉर्म

कर्मचारियों की सहूलियत के लिए और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रकिया को आसान बनाने के लिए इंडिविडुअल टैक्सपेयर्स को अब 1 अप्रैल 2021 से प्री-फील्ड ITR फॉर्म मुहैया कराया जाएगा।

नोटिफाई हुआ LTC स्कीम

बजट 2021 में मोदी सरकार ने ट्रेवल लीव कंसेशन (LTC) कैश वाउचर स्कीम को नोटिफाई कर दिया है। यह स्कीम उन कर्मचारियों के लिए लॉन्च की गई जिन्होंने कोरोना वायरस महामारी के कारण लगे यात्रा प्रतिबंध की वजह से LTC टैक्स बेनिफिट का फायदा नहीं उठाया था।

सुपर सीनियर सिटीजंस को ITR फाइल करने से छूट

बजट में वित्त मत्री ने घोषणा की कि 1 अप्रैल 2021 से 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को ITR फाइल करने का जरूरत नहीं पड़ेगी। यह छूट उन सीनियर सिटीजंस को दी गई है जो पेंशन या फिर फिक्स्ड डिपोजिट पर मिलने वाले ब्याज पर आश्रित हैं।

ITR नहीं फाइल करने पर दोगुना TDS

केंद्र सरकार ने ITR फाइल करने को बढ़ावा देने के लिए TDS के नियमों को इन लोगों के लिए कड़ा कर दिया है जो ITR फाइल नहीं करते हैं। इसके लिए सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 206AB को जोड़ दिया है। इसके मुताबिक अब ITR फाइल नहीं करने पर 1 अप्रैल, 2021 से दोगुना TDS देना होगा। नए नियमों के मुताबिक, जिन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, उन पर टैक्स कलेक्शन ऐट सोर्स (टीसीएस- TCS) भी ज्यादा लगेगा। नए नियमों के मुताबिक, 1 जुलाई 2021 से पीनल TDS और TCL दरें 10-20 फीसदी होंगी जो कि आमतौर पर 5-10 फीसदी होती हैं। ITR दाखिल नहीं करने वालों के लिए TDS और TCS की दर, 5 फीसदी या तय दर, जो भी ज्यादा हो, उससे दोगुनी हो जाएगी।

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