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ITR 1 फॉर्म बदल गया, जानिए क्या है नया

इन बातों का खयाल रखें नहीं तो मुश्किल में फंस जाएंगे
अपडेटेड Apr 23, 2019 पर 18:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

 इनकम टैक्स रिटर्न भरने का वक्त आ गया है। आयकर विभाग की तरफ से नए फॉर्म जारी कर दिए गए हैं। इस बार फॉर्म में कुछ ज्यादा जानकारी मांगी गई है ताकि किसी भी तरीके के फर्जीवाड़े पर रोक लग सके। रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। अगर आप पेनेल्टी से बचना चाहते तो आपको डेडलाइन से पहले ITR फाइल करना होगा।


अगर आप नौकरी पेशा है तो आपके लिए ITR 1 फॉर्म है। ITR 1 और ITR 2 फॉर्म में कुछ बदलाव किए गए हैं। अगर आप इन बदलावों को समझ लेंगे तो आपके गलती करने के चांस कम हो जाएंगे।


ITR 1 फॉर्म में क्या है अलग


2018-19 के केंद्रीय बजट की घोषणाओं को ध्यान में रखकर फॉर्म में बदलाव किया गया है। इसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन की फील्ड जोड़ी गई है। सेक्शन 80TTB के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन और डिपॉजिट से इंटरेस्ट इनकम पर एग्जेम्पशन के लिए नई फील्ड है। अब आप सीधे 40,000 रुपए का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। ठीक इसी तरह सीनियर सिटिजंस 50,000 रुपए तक के ब्याज पर छूट क्लेम कर सकते हैं।


नए फॉर्म में यह साफ बताना होगा कि नौकरी के अलावा आमदनी का कोई दूसरा जरिया है या नहीं। अगर कोई एग्जेम्पट इनकम है तो भी उसकी जानकारी देनी होगी। पिछले साल तक ऐसा नहीं था।


ITR 2 में क्या है बदलाव


ITR 2 रेजिडेंशियल स्टेटस की जानकारी देते हुए किसी NRI को भारत में बिताए गए दिनों की पूरी जानकारी देनी होगी। 2018-19 तक आपको केवल तीन विकल्पों के बीच चुनाव करना पड़ता था। इनमें रेजिडेंट, रेजिडेंट लेकिन नॉट ऑर्डिनरिली रेजिडेंट और नॉन-रेजिडेंट शामिल हैं।


अगर आपने कोई प्रॉपर्टी बेची है तो अब ज्यादा स्क्रूटनी होगी। अब प्रॉपर्टी की डिटेल के साथ पैन, ट्रांजैक्शन वैल्यू की पूरी जानकारी देनी होगी।


किसके लिए है ITR 1


अगर आपकी सैलरी, पेंशन या इंटरेस्ट इनकम 50 लाख रुपए तक है। घर है और कृषि से होने वाली आमदनी 5000 रुपए तक है तो आप ITR 1 फाइल करेंगे।