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ITR भरते हुए इन गलतियों से बचें, नहीं तो आएगा नोटिस

सामान्य तौर पर ITR-1 भरने वाले लोग खुद ही अपना रिटर्न भरते हैं। इस दौरान कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है
अपडेटेड Aug 09, 2019 पर 08:37  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2019 है। सामान्य तौर पर ITR-1 भरने वाले लोग खुद ही अपना रिटर्न भरते हैं। इस दौरान कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आज हम बता रहे हैं कि आपको रिटर्न फाइल करते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


गलत फॉर्म भरने से बचें


सबसे ज्यादा जरूरी है सही फॉर्म चुनना। सभी आंकड़े सही भरने के बावजूद आपको इनकम टैक्स का नोटिस आ सकता है अगर आपने सही फॉर्म नहीं चुना है। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप सही फॉर्म चुनते हैं तो आपको रिटर्न मिलने में आसानी होगी।


सैलरी या पेंशन से इनकम होने पर आप ITR-1 के जरिए रिटर्न फाइल कर सकते हैं। अगर आपको असेसमेंट ईयर में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है तो आपको ITR-2 फॉर्म भरना होगा।


सैलरी छुपाना हुआ मुश्किल


कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोग जब फिस्कल ईयर के बीच में नौकरी बदलते हैं तो अपनी पुरानी सैलरी का ब्योरा छिपा लेते हैं। ऐसा वह टैक्स बचाने के लिए करता है। लेकिन यह झूठ उन्हें भारी पड़ जाता है।


निवेश से हुई कमाई छिपाई तो नहीं


इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हुए आपको अपनी हर तरह की कमाई का ब्योरा देना होगा। मान लीजिए आपने शेयर बाजार में निवेश किया हो और उससे आपको फायदा हुआ है तो आपको उसकी जानकारी भी इनकम टैक्स रिटर्न में देना होगा।


ठीक इसी तरह अगर आपको FD से ब्याज के तौर पर कमाई हुई है तो आपको वह जाहिर करना होगा। इनकम टैक्स के सेक्शन 80TTA के तहत 10,000 रुपए तक का इंटरेस्ट इनकम टैक्स फ्री है। इससे ज्यादा इंटरेस्ट इनकम पर आपको टैक्स चुकाना होगा।


सभी बैंक अकाउंट का ब्योरा देना जरूरी


फिस्कल ईयर 2014-15 से किसी टैक्सपेयर्स के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया कि वह अपने सभी बैंक अकाउंट का ब्योरा दे। इससे पहले सिर्फ उसी बैंक अकाउंट का ब्योरा देना जरूरी होता था जिसमें सैलरी आती थी। इसी अकाउंट में टैक्स रिफंड आता था। हालांकि अब बंद पड़े बैंक खातों की जानकारी देना भी जरूरी है।


किराए की रकम छिपाना गलत


अगर आपके पास कोई ऐसा घर है जिस पर आपको किराया मिल रहा है तो आप उसकी जानकारी नहीं छिपा सकते हैं। यह ध्यान रखें कि फिस्कल ईयर 2019-20 से दूसरे घर के नोशनल रेंट पर टैक्स छूट है। यह अगले साल के ITR भरने पर लागू होगा।


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