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ITR Filing: रिटर्न भरने के इन फायदों के बारे में क्या आप जानते हैं?

प्रकाशित Tue, 25, 2019 पर 14:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जिन करदाताओं की सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपए से ज्यादा है उन्हें मैनुअली इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा। यहां तक कि अगर उनकी कोई टैक्स लायबिलिटी नहीं होगी तो भी इनकम टैक्स रिटर्न 2.50 लाख रुपए मानकर भरना होगा।


आप इनकम टैक्स के सेक्शन 80C, 80D या किसी दूसरे सेक्शन में छूट भी ले सकते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से एक तरफ आप ब्लैकमनी के दायरे में नहीं आते, दूसरी तरफ इसके कई और फायदे भी हैं।


नहीं देना होगा कोई जुर्माना


फिस्कल ईयर 2017-18 से सरकार ने यह नियम लागू कर दिया है कि अगर कोई टैक्स रिटर्न नहीं फाइल करता है तो उस पर सेक्शन 234F के तहत 10,000 रुपए का जुर्माना लग सकता है। अगर आप ITR फाइल करते हैं तो ऐसे किसी भी जुर्माने से बच सकते हैं। अगर आपकी सालाना आमदन 5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं है तो भी रिटर्न फाइल ना करने पर आपको 1000 रुपए का टैक्स चुकाना होगा।


ITR रसीद


इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद आपको इनकम टैक्स रिटर्न की रसीद मिलती है। यह रसीद बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें फॉर्म 16 के मुकाबले ज्यादा जानकारियां होती हैं। आपकी टोटल इनकम के साथ दूसरे सोर्स से होने वाली आमदनी का भी ब्योरा होता है।


बैंक लोन में आसानी


कई बैंक और NBFC से जब आप लोन लेने जाते हैं तो वे पिछले तीन साल के फॉर्म 16 या इनकम टैक्स की रसीद मांगते हैं। लिहाजा अगर आप होम लोन लेने की तैयारी में हैं तो रिटर्न जरूर फाइल करें।


वीजा प्रोसेसिंग


अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए अगर आप वीजा बनवाना चाहते हैं तो वे ITR रसीद की डिमांड करते हैं। वे टैक्स से जुड़े नियमों को लेकर बहुत सीरियस होते हैं। इससे उन्हें पता चलता है कि आपकी आमदनी कितनी है और आप अपने ट्रैवल का खर्च उठा पाएंगे या नहीं।