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Incom Tax return: नौकरी के साथ Other Income है तो ऐसे भरें ITR-1

प्रकाशित Tue, 28, 2019 पर 13:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Incom Tax return। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस साल ITR फॉर्म में कुछ बदलाव किए हैं। अब आपको ITR-1 फॉर्म में अन्य आमदनी का पूरा ब्योरा देना होगा।
पिछले साल तक ITR-1 में केवल इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज के कॉलम में एग्रीगेट अमाउंट की जानकारी देनी पड़ती थी। लेकिन अब अदर इनकम का पूरा ब्रेकअप देना पड़ेगा।


ITR-1 फॉर्म में एक ड्रॉप डाउन मेनू होगा। उस पर क्लिक करके आप अपनी अन्य आमदनी का जरिया चुन सकते हैं। ड्रॉप डाउन में 5 ऑप्शन हैं।


सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज
डिपॉजिट (बैंक, पोस्ट ऑफिस, को-ऑपरेटिव सोसायटी) पर मिलने वाला ब्याज
इनकम टैक्स रिफंड पर मिलने वाला ब्याज
फैमली पेंशन (पारिवारिक पेंशन)
अन्य आय


अब जानते हैं कि किस कॉलम में कौन सी जानकारी कहां देनी है। 


सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज


ड्रॉप डाउन मेनू का यह पहला ऑप्शन है। इस कॉलम में आपको अपने जिन-जिन बैंक खातों से ब्याज मिला है, उसकी जानकारी देनी है। इस कॉलम में बैंक, पोस्ट ऑफिस या किसी भी खाते से मिला ब्याज शामिल है। यह कॉलम भरने से पहले आपको यह चेक करना होगा कि किस खाते से आपको ब्याज के तौर पर कितनी रकम मिल रही है। खातों से मिलने वाले ब्याज की जानकारी के लिए आप बैंक या पोस्ट ऑफिस से इंटरेस्ट इनकम सर्टिफिकेट मांग सकते हैं।


FD से मिलने वाला ब्याज


डिपॉजिट (बैंक, पोस्ट ऑफिस, को-ऑपरेटिव सोसायटी) से मिलने वाला इंटरेस्ट दूसरे कॉलम में है। आपने बैंक FD में निवेश किया है या रेकरिंग अकाउंट चल रहा है। या फिर पोस्ट ऑफिस के किसी स्कीम में पैसा लगाया है तो आपको उससे मिलने वाले ब्याज की जानकारी दूसरे कॉलम में भरनी है। 


इनकम टैक्स रिफंड पर मिलने वाला ब्याज


इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, टैक्स रिफंड के तौर पर मिली रकम पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन उस रकम पर अगर आपको ब्याज मिला है तो उस पर आपको टैक्स देना होगा।


 आपके द्वारा प्राप्त किया गया टैक्स रिफंड टैक्सेबल नहीं है, लेकिन इस पर मिला इंट्रेस्ट टैक्स के योग्य है। इनकम टैक्स रिफंड पर इंट्रेस्ट का भुगतान विभाग द्वारा किया जाता है। अगर इनकम टैक्स रिफंड की रकम चुकाए गए टैक्स के 10 फीसदी से ज्यादा है तो आपको रिफंड मिलता है। आप फॉर्म 26AS में रिफंड और उस पर मिलने वाले इंटरेस्ट की जानकारी देख सकते हैं.


फैमिली पेंशन (पारिवारिक पेंशन)


एक सरकारी कर्मचारी के निधन के बाद परिवार को मिलने वाली पेंशन को फैमिली पेंशन कहते हैं। आमतौर पर यह पेंशन सरकारी कर्मचारियों की पत्नियों को मिलता है। अगर रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को पेंशन मिलता है तो यह सैलरी का हिस्सा माना जाएगा। लेकिन कर्मचारी की मौत के बाद अगर उसके परिवार को फैमिली पेंशन मिलता है तो उसे अदर इनकम माना जाएगा।


किसी अन्य तरह की आमदनी होने पर


ऊपर दी गई इनकम के अलावा अगर आपकी कोई इनकम है तो इस कॉलम में उसकी जानकारी देनी है। अगर आपको कोई गिफ्ट मिलता है तो उस पर भी टैक्स लगता है। कितना टैक्स लगेगा यह गिफ्ट की कीमत पर तय होता है। अगर आपको अपनी शादी में कोई गिफ्ट मिला है तो उस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।