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इनकम टैक्स स्लैब और रेट में नए बदलाव की तैयारी, जानिए क्या बदलेगा?

जानिए मौजूदा टैक्स स्लैब और प्रस्तावित टैक्स स्लैब में कितना फर्क है और आपको फायदा होगा या नुकसान?
अपडेटेड Aug 30, 2019 पर 08:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकार की तरफ से नियुक्त एक टास्क फोर्स ने इस महीने की शुरुआत में फाइनेंस मिनिस्ट्री को new Direct Tax Code पर अपनी एक रिपोर्ट सौंपी है। अगर इस पर सरकार की मुहर लग जाती है तो यह मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट की जगह ले लेगा। मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 58 साल पुराना है।


इस टास्क फोर्स ने इनकम टैक्स छूट की मौजूदा 2.5 लाख रुपए की सीमा बढ़ाने का फैसला नहीं किया है। लेकिन 5 टैक्स ब्रैकेट का प्रपोजल रखा है। ये टैक्स ब्रैकेट 5%, 10%, 20%, 30% और 35% है। फिलहाल सिर्फ तीन टैक्स ब्रैकेट है। इनमें 5%, 20% और 30% है।


जानिए क्या है खास?


डायरेक्ट टैक्स कोड पर बने टास्क फोर्स ने 5% टैक्स ब्रैकेट में किसी बदलाव के सुझाव नहीं दिए हैं। इसमें 87A के तहत 12,500 रुपए का मौजूदा टैक्स छूट भी जारी रहेगा।


5 से 10 लाख की टैक्सेबल इनकम


अगर हाई लेवल टास्क फोर्स के सुझाव मान लिए जाते हैं तो सालाना टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए होने पर आपको 10% इनकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है।


10 से 20 लाख की टैक्सेबल इनकम


इस कैटगरी में आने पर टास्क फोर्स ने 20 फीसदी टैक्स लगाने का सुझाव दिया है।


20 लाख रुपए से 2 करोड़ तक के टैक्सेबल इनकम


पैनल की सिफारिश है कि 20 लाख रुपए लेकर 2 करोड़ रुपए की सालाना टैक्सेबल इनकम वालों पर 30 फीसदी का टैक्स लगाया जाए।


सालाना टैक्सेबल इनकम 2 करोड़ से ज्यादा होने पर


अगर किसी की सालाना आमदनी 2 करोड़ रुपए से ज्यादा है तो उसे 35 फीसदी इनकम टैक्स चुकाना होगा।


क्या है मौजूदा टैक्स स्लैब?


अभी भी 2.5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम टैक्स फ्री है। 2.5 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक 5 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है। हालांकि जिन लोगों की टैक्सेबल इनकम इस दायरे में है उन्हें इनकम टैक्स के सेक्शन 87A के तहत 12,500 रुपए का टैक्स छूट मिलता है। लिहाजा 5 लाख रुपए तक की आमदनी अभी पूरी तरह टैक्स फ्री है।


5 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक की टैक्सेबल इनकम पर 20 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है।


10 लाख से ऊपर की टैक्सेबल इनकम पर 30 लाख रुपए चुकाना पड़ता है।


सरचार्ज कितना लगेगा?


सरचार्ज के साथ हेल्थ और एजुकेशन सेस पहले की तरफ लगता रहेगा। फिस्कल ईयर 2019-20 के बजट में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ रुपए की टैक्सेबल आमदनी पर सरचार्ज 15% से बढ़ाकर 25% कर दिया था। वहीं 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्सेबल इनकम पर सरचार्ज 15% से बढ़ाकर 37% कर दिया था।


टैक्स स्लैब एक नजर में (60 साल तक के टैक्सपेयर्स के लिए)


टास्क फोर्स की सिफारिश


2.5 लाख रुपए की आमदनी - कोई टैक्स नहीं


2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक- 5% टैक्स (87A के तहत 12,500 रुपए की छूट)


5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए - 10%


10 लाख रुपए से 20 लाख रुपए - 20%


20 लाख रुपए से 2 करोड़ रुपए - 30%


2 करोड़ रुपए से ज्यादा-          35%


मौजूदा टैक्स स्लैब


2.5 लाख रुपए तक - कोई टैक्स नहीं


2.5 लाख रुपए से 5 लाख रुपए तक- 5% टैक्स (87A के तहत 12,500 रुपए की छूट)


5 लाख रुपए से 10 लाख रुपए -20 %


10 लाख रुपए से ज्यादा की आमदनी 30%


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