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टैक्सेबल इनकम नहीं होने पर भी हो सकती है ITR दाखिल करने की जरूरत

बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन या वीजा लेने जैसे कई उद्देश्यों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना बेहतर होता है
अपडेटेड Aug 20, 2021 पर 08:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

टैक्सेबल इनकम छूट वाली लिमिट से अधिक होने पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य होता है। हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के तहत कुछ ऐसी स्थितियां भी हैं जिनमें किसी व्यक्ति की कुल इनकम छूट वाली लिमिट से कम होने के बावजूद उसे ITR भरने की जरूरत होती है।


इस बारे में  Taxmann के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर, नवीन वाधवा ने बताया कि इनकम के कैपिटल गेन से छूट (सेक्शन 54 से 54GB) से पहले टैक्स नहीं लगने वाली अधिकतम राशि से ज्यादा होने पर ITR दाखिल की जानी चाहिए।


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इसके अलावा किसी नागरिक के पास विदेश में एसेट्स होने या देश से बाहर किसी एकाउंट में साइनिंग अथॉरिटी होने पर भी ITR जरूरी है।


अगर किसी व्यक्ति ने एक या अधिक करंट एकाउंट्स में 1 करोड़ रुपये या इससे अधिक की कुल राशि फाइनेंशियल ईयर के दौरान जमा की है तो भी उसे ITR भरनी होगी।


अपनी या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर फाइनेंशियल ईयर के दौरान 2 लाख रुपये से अधिक खर्च करने पर भी रिटर्न दाखिल करनी चाहिए।


HostBook Ltd के फाउंडर और चेयरमैन, कपिल राणा ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति ने फाइनेंशियल ईयर के दौरान बिजली की खपत के लिए 1 लाख रुपये या इससे अधिक राशि खर्च की है तो भी उसे ITR दाखिल करनी होगी।


टैक्सेबल इनकम नहीं रखने वाले लोग बैंक लोन, वीजा, क्रेडिट कार्ड की एप्लिकेशन जैसे अन्य उद्देश्यों के लिए भी ITR दाखिल कर सकते हैं।


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