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टैक्स प्लानिंग की तैयारी, जल्दबाजी ना करें गलत निवेश

फिरोज अजीज का कहना है कि टैक्स बचत के लिए गलत निवेश ना करें।
अपडेटेड Mar 27, 2019 पर 14:41  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

31 मार्च से पहले टैक्स सेविंग के लिए जल्दबाजी में निवेश ना करने की सलाह योर मनी अपने दर्शकों को हमेशा देता रहा है क्योंकि जल्दबाजी में फाइनेंशियल प्लानिंग बिगाडने वाली कई गलतियां हो जाती है। ऐसे में टैक्स प्लानिंग कैसे संभलकर की जाएं और निवेश से जुड़ी आपकी सभी उलझनें सुलझाने के लिए हमारे साथ हैं आनंदराठी वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज।


फिरोज अजीज का कहना है कि टैक्स बचत के लिए गलत निवेश ना करें। सिर्फ टैक्स बचाने के लिए निवेश करना सही नहीं है। एजेंट के कॉल के झांसे में ना पड़ें। निकासी पर टैक्स के पेंच समझें। इक्विटी निवेश में ग्रैंड फादरिंग को समझना जरूरी होता है। निवेशक एक बात का ध्यान रखें कि वह पूरा निवेश एक ही जगह ना करें। फिरोज अजीज के मुताबिक जरूरत से ज्यादा डाइवर्सिफिकेशन से भी घाटा होता है। फंड के खराब प्रदर्शन से निराश ना हों। ईएलएसएस में लॉक इन के पहले रकम ना निकालें। फाइनेंशियल एडवाइजर से मदद ना लेना बड़ी गलती है।


सवालः पिछले 1 साल से म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत की है। हर महीने 50,000 की एसआईपी करते हैं। 10 साल से ज्यादा के लिए निवेश करेंगे। एक्सिस ब्लूचिप फंड में 20,000 रुपये, एलएंडटी मिडकैप में 5000 रुपये, एचडीएफसी स्मॉलकैप में 5000 रुपये सहित अन्य फंड में निवेश कर रहे है।


फिरोज अजीजः चुने हुए सभी फंड का प्रदर्शन अच्छा है। पोर्टफोलियो में रखे सभी फंड में निवेश जारी रखें। लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप में सही डायवर्सिफिकेशन है। उतार-चढ़ाव में सही डायवर्सिफिकेशन से मदद मिलेगी।


सवालः क्या नियमित आय के लिए एचडीएफसी बैलेंस्ड फंड चुनना सही?


फिरोज अजीजः नियमित आय के लिए बैलेंस्ड फंड का चुनाव सही नहीं है। अलग-अलग कैटेगरी फंड में निवेश कर एसेट एलोकेशन करें। डेट और इक्विटी के अलग-अलग फंड शामिल करें। अलग-अलग एसेट एलोकेशन से बेहतर रिटर्न मिलते है। पोर्टफोलियो को डेट और इक्विटी में डाइवर्सिफाय करें। मंथली इनकम प्लान पोर्टफोलियो में एबीएसएल रेग्यूलर सेविंग फंड और एक्सिस रेग्यलर सेविंग फंड जोड सकते हैं।