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रिटर्न रिवाइज पर हो सकती है जांच, इन बातों का रखें ध्यान

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Sep 05, 2019 पर 17:58  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।


इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर।


इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीक निकल चुकी है और ज्यादातर लोगों ने अपना रिटर्न फाइल भी कर दिया है लेकिन अभी भी कुछ लोग ऐसे है जिन्होंने किसी कारण से अब तक अपना रिटर्न फाइल नहीं किया है या फिर रिटर्न फाइल की भी है तो उसमें कई तरह की गलतियां भी कर दी है। ऐसे में लोगों को चिंता को दूर करने के लिए हमारे साथ मौजूद है टैक्स एक्सपर्ट गोरी चढ़्डा।


रिटर्न फाइल करना आसान


रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया आसान बनाई गई है। ITR-I फॉर्म में काफी बदलाव किए गए है। ITR-I में सैलरी, अन्य स्त्रोंत से आय और एक हाउस प्रॉपर्टी दिखाई जा सकती है। प्री-फील्ड फॉर्म के जरिए टैक्सपेयर्स को काफी राहत मिली है। कई मामलों में फॉर्म 16 की जानकारी प्री-फील्ड फॉर्म से अलग थी।


रिटर्न नहीं भर पाए, तो ये हैं उसके उपाय


रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2019 थी। सेक्शन 234F के तहत पेनल्टी का प्रावधान किया गया है। 31 दिसंबर 2019 तक रिटर्न फाइल करने पर 5000 रुपये की पेनल्टी भरनी होगी। वहीं 31 मार्च 2020 तक रिटर्न फाइल करने पर 10000 रुपये की पेनल्टी भरनी होगी। अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये से कम आय होने पर 1000 रुपये पेनल्टी लगेगी।


बार-बार रिटर्न रिवाइज होगी जांच


टैक्सपेयर्स अपनी गलती सुधारने के लिए रिटर्न में बदलाव कर सकते है। बार-बार रिटर्न रिवाइज करने पर जांच हो सकती है। सेक्शन 139(5) के तहत रिटर्न को रिवाइज कर सकते है। पुराने रिटर्न का एकनोलिजमेंट नंबर डालकर ITR रिवाइज करें। 31 मार्च 2020 तक रिटर्न को रिवाइज कर सकते हैं।


ITR फाइलिंग के बाद क्या करें


रिटर्न वेरीफाई के बाद ही ITR की प्रक्रिया पूरी होगी। 120 दिनों के अंदर रिटर्न वेरीफाई करना जरूरी है। वेरीफाई न होने पर रिटर्न मान्य नहीं होगा। ITR-V को डाउनलोड करें, साइन करके CPC बेंगलुरु भेज दें। आधार बेस्ड OTP के जरिए भी रिटर्न वेरीफाई कर सकते है। नेट बैंकिंग या ATM कार्ड के जरिए OTP की सुविधा मिलेगी। सेक्शन 143(1) के तहत ई-मेल के जरिए जानकारी दी जाती है। IT विभाग की ओर से बकाए टैक्स या रिफंड की जानकारी दी जाती है।  30 दिने के अंदर बकाया टैक्स चुकाना होता है। रिफंड होने पर बैंक से संपर्क करना होगा। फॉर्म 16, बैंक या क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट के सभी दस्तावेज होने चाहिए। जांच होने पर सभी दस्तावेज आपके पास 7 साल तक होने जरुरी है.


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