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उठाइए सेक्शन 80C का पूरा फायदा, जानिए क्या है टैक्स बचाने के और भी स्मार्ट तरीके

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Jan 17, 2020 पर 10:14  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है।


इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। इनकम टैक्स कानून के तहत पैसे बचाने के क्या-क्या सही तरीके है ये बताने के लिए हमारे साथ मौजूद है टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली और गौरी चढ्ढा


सेक्शन 80C का पूरा फायदा उठाया?


टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि सेक्शन 80C टैक्स छूट तहत 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है। सेक्शन 80C में PF, ELSS, FD, NSC जैसे कई विकल्प मौजूद है। PPF, ट्यूएशन फीस, इंश्योरेंस प्लान, एजुकेशन लोन, होम लोन के प्रिंसिपल अमांट के रीपेमेंट भी सेक्शन 80C का हिस्सा है। हर साल सेक्शन 80C में 1.5 लाख का पूरा इस्तेमाल करें।


शरद कोहली का कहना है कि बाजार में लंबे वक्त के लिए ELSS में निवेश करना फायदे का सौदा होता है। शॉर्ट टर्म निवेश में खतरा बना रहता है।


टैक्स एक्सपर्ट गौरी चढ्ढा का कहना है कि अलग-अलग टैक्स स्लैब वाले टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स बचत के अलग-अलग मौके है। सेक्शन 80C के तहत अधिकतम निवेश या अधिकतम टैक्स छूट ले सकते है।


ELSS में निवेश है फायदे का सौदा


सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर का कहना है कि ELSS में निवेश करने से आपको सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है और इसमें निवेश का 3 साल का लॉक इन पीरियड होता है। हर साल 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स छूट मिलता है। साथ ही आपके निवेश की मैच्योरिटी की रकम भी टैक्स फ्री होती है। ELSS में निवेश पर सालाना 16 से 17 फीसदी तक का रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। ELSS में निवेश कर बेहतर रिटर्न और टैक्स छूट पाएं।


जानिए कैसे बचाएं कैपिटल गेन्स टैक्स


शरद कोहली का कहना है कि प्रॉपर्टी बेचने पर हुए मुनाफे को कैपिटल गेन टैक्स कहते हैं। सेक्शन 54 के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स बचा सकते हैं। कैपिटल गेन्स की राशि दूसरी प्रॉपर्टी खरीदने में निवेश कर सकते है। सेक्शन 54EC के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स छूट मिलता है यानि 6 महीने के अंदर अधिकतम 50 लाख रुपये तक के NHAI बॉन्ड्स में निवेश कर सकते है।


शेयर, इक्विटी म्यूचुअल फंड पर LTCG टैक्स


मैनेजिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर ने कहा कि सरकार के इस फैसले से बाजार का सेटिमेंट बिगड़ा है। शेयर और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स से निवेशकों को नुकसान हुआ है। इससे सरकार को भी फायदा नहीं हो रहा है। LTCG टैक्स पर सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। LTCG टैक्स हटने से बाजार में निवेशकों की संख्या बढ़ेगी।


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