टैक्स एक्सपर्ट: प्रोफेशनल्स कैसे भरें टैक्स रिटर्न -
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टैक्स एक्सपर्ट: प्रोफेशनल्स कैसे भरें टैक्स रिटर्न

प्रकाशित Mon, 18, 2016 पर 18:48  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख पास आती जा रही है और अगर आपने अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपके लिए यहां पेश है ये खास शो। इसके तीसरे एडिशन में आज उन टैक्सपेयर्स की उलझनें सुलझाइ जाएंगी जो या तो छोटा बिजनेस चलाते हैं या किसी प्रोफेशनल सर्विस से जुड़े हैं और जिन्हें अपना टैक्स रिटर्न भरना है आईटीआर-4 और 4 एस में।  यहां आप समझिए आईटीआर-4 और 4 एस की हर डीटेल ताकि आप बिना किसी सीए की मदद के अपना रिटर्न खुद फाइल कर सकें।  इस काम में हमारी मदद कर रहे हैं टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली


माना जाता है कि फॉर्म 4 और 4एस को भर पाना आसान नहीं है और आपको अपना रिटर्न फाइल करने के लिए किसी सीए की मदद लेनी ही पड़ेगी। इस पर शरद कोहली ने बताया कि आम तौर पर फॉर्म 4 और 4 एस भरने में पर्सनल और बिजनेस खर्चों में अंतर करने, किस खर्च के लिए कितना डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं ये जानने, कितना मुनाफा टैक्सेबल इनकम में दिखाया जाएगा और क्या हर किसी के लिए खाता मेंटेन करना जरूरी है जैसे मुद्दों पर दिक्कतें आती हैं।


शरद कोहली के मुताबिक ये जानना जरूरी है कि 31 जुलाई है रिटर्न भरने की आखिरी तारीख है। प्रोफेशनल/बिजनेसमैन दोनों के लिए डिप्रेसिएशन पर छूट का प्रावधान है और एडवांस टैक्स के नियम प्रोफेशनल/बिजनेसमैन पर भी लागू है। शरद कोहली ने बताया कि आईटीआर-4 बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम वाले टैक्सपेयर्स के लिए है जो बिजनेस/प्रोफेशन का खाता मेंटेन करते हैं। वहीं आईटीआर-4 एस बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम वाले टैक्सपेयर्स जो प्रिजंप्टिव टैक्स स्कीम के दायरे में आते हैं के लिए हैं। शरद कोहली ने बताया की आईटीआर-4/4एस फ्रीलांसर, आईटी या सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल, डॉक्टर, वकील, मीडिया प्रोफेशनल, फोटोग्राफर, डिजाइनर, मार्केटिंग प्रोफेशनल्स, कलाकार,कंसल्टेंट, लेखक, छोटे कारोबारियों के लिए है।


सवाल: पिछले साल 4 महीने कंसल्टेंट के तौर पर काम किया, फिर उसी कंपनी में स्थायी नियुक्ति हो गई। क्या मैं अपना रिटर्न आईटीआर 4एस में भर सकता हूं?


सलाह: आप वित्त वर्ष 2015-16 के लिए प्रोफेशनल फॉर्म 4एस इस्तेमाल नहीं कर सकते। कंसल्टेंसी से आय में कोई खर्च क्लेम करना हो तो आईटीआर-4 में रिटर्न फाइल करें
आईटीआर-4 में अपनी इनकम पीजीबीजी कॉलम में दिखाएं। अगर खर्च क्लेम ना करना हो तो आईटीआर-1, 2 या 2ए में रिटर्न भरें। आईटीआर-1, 2 या 2 ए में कंसल्टेंसी इनकम को अन्य स्रोत से आय में दिखाएं।


सवाल: 2015-16 में लंदन से 5000 पाउंड इनकम हुई, वहां मेरा बैंक खाता भी है। भारत में मुझे 4.5 लाख की इनकम हुई, मैं अपना रिटर्न कैसे फाइल करूं?


सलाह: आपको सिर्फ भारत में हुई अपनी इनकम दिखानी होगी। एनआरआई होने के नाते आपको ब्रिटेन से हुई इनकम दिखाने की जरूरत नहीं है। आप फॉर्म आईटीआर-2 भरें, विदेशी जायदाद दिखाने के लिए शेड्यूल एएल भरें।


सवाल: वित्त वर्ष 2016 में 21.5 लाख रुपये प्रोफेशनल इनकम हुई, मैंने 3 कर्मचारी रखे हैं, इसके अलावा मेरे पास 1 कार, 2 कंप्यूटर्स, 1 लैपटॉप और 2 मोबाइल हैं। क्या मैं इनके खर्च क्लेम कर सकती हूं?


सलाह: आप नियमों के मुताबिक सैलरी और डिप्रेसिएशन के खर्च क्लेम कर सकती हैं। आप स्टेशनरी, ट्रैवलिंग खर्च, टेलीफोन खर्च भी क्लेम कर सकती हैं। आपको फॉर्म 4 में रिटर्न भरना होगा।


सवाल: मैं टैक्सी ऑपरेटर हूं, मेरे पास 4 कारें हैं। मेरी 2 कारें होटलों के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर हैं, बाकी 2 टैक्सियों की तरह चलती हैं। मैं इसे आईटी रिटर्न में कैसे दिखाऊं?


सलाह: आप फॉर्म 4 में रिटर्न भरें और अलग-अलग खर्च क्लेम करें। आप डिप्रेसिएशन, फ्यूल, इंश्योरेंस प्रीमियम, ड्राइवर सैलरी जैसे खर्च क्लेम कर सकते हैं। आपको प्रिजंप्टिव टैक्सेशन स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। आप होटल के जरिए काटे गए टीडीएस का क्रेडिट क्लेम कर सकते हैं।


सवाल: मेरा छोटा बिजनेस है और सालाना बिक्री करीब 70 लाख रुपये है। मेरा मुनाफा 5 फीसदी है, क्या मैं आईटीआर-4एस में रिटर्न फाइल कर सकता हूं?


सलाह: आप आईटीआर-4 एस में रिटर्न फाइल नहीं कर सकते। इसके लिए आपका मुनाफा कम से कम 8 फीसदी होना चाहिए। आप फॉर्म 4 में रिटर्न फाइल करें। अपने खाते भी मेंटेन करें।


सवाल: मैं मार्केटिंग कंसल्टेंट हूं। मेरी इनकम बॉन्ड और एफडी के ब्याज से भी आती है। मैं रिटर्न कैसे फाइल करूं?


सलाह: वित्त वर्ष 2015-16 के लिए प्रोफेशनल फॉर्म 4 एस इस्तेमाल नहीं कर सकते। कंसल्टेंसी से आय में कोई खर्च क्लेम करना हो तो आईटीआर-4 में रिटर्न फाइल करें आईटीआर-4 में अपनी इनकम पीजीबीपी कॉलम में दिखाएं। अगर खर्च क्लेम ना करना हो तो आईटीआर-1, 2 या 2ए में रिटर्न भरें। आईटीआर-1, 2 या 2 ए में कंसल्टेंसी इनकम को अन्य स्रोत से आय में दिखाएं।


सवाल: किताब लिखने के लिए सालाना 4 लाख रुपये की रॉयल्टी मिलती है, कौन से डिडक्शंस क्लेम किए जा सकते हैं और कौन सा रिटर्न फॉर्म भरना चाहिए?


सलाह: सेक्शन 80 क्यूक्यूबी के तहत लेखक रॉयल्टी इनकम पर 3 लाख रुपये तक डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। आपको 1 लाख रुपये पर टैक्स देना होगा। एफडी का ब्याज अन्य स्रोत से आय माना जाएगा।


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