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टैक्स गुरुः रिटर्न भरते वक्त ना करें गलतियां

प्रकाशित Thu, 26, 2018 पर 12:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz


टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह।


बलबंत जैन का कहना है कि रिटर्न भरते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है ताकि टैक्स की मार आपके जेब पर भारी ना पड़े। बलबंत जैन के मुताबिक रिटर्न भरते वक्त ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर सही भरें। टीडीएस का फॉर्म भरते वक्त टैक्स काटने वाले का टेन सही से भरें। अगर आप सेल्फ असेसमेंट टैक्स या एडवांस टैक्स भरते है तो चालान और बीएसआर कोड सावधानी से भरें। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन का शिड्यूल भरते वक्त ध्यान रखें और रिफंड के लिए बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड सही डालें। जिस हेड की इनकम हो उसी में दिखाएं।


सवालः प्राइवेट नौकरी से 2.40 लाख रुपये कमाती है और शेयरों से करीब 1.5 लाख रुपये का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है, जो कि नॉन -टैक्सेबल है। कौन सा आईटीआर भरना होगा। आईटीआर-I य़ा आईटीआर II?


बलबंत जैनः आपकी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन आय पूरी तरह से टैक्स फ्री है। एगजम्प्ट इनकम के तौर पर आईटीआर-I में दिख सकती है। आपको कैपिटल गेन हुआ है, इसलिए रिटर्न भरना होगा। आप आईटीआर-I भरिए।