टैक्स गुरुः फॉर्म 16 और 26एएसम में कैसे सुधारें मिसमैच -
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टैक्स गुरुः फॉर्म 16 और 26एएसम में कैसे सुधारें मिसमैच

प्रकाशित Fri, 10, 2018 पर 09:28  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली की सलाह।


शरद कोहली का कहना है कि फॉर्म 16 और 26एएसम में मिसमैच होता है तो रिटर्न भऱने वक्त कुछ बातों का ध्यान देना जरुरी है। पिछले साल सरकार ने टैक्स नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत फॉर्म 16 और 26एएसम में मिसमैच होता है तो फॉर्म 16 को सर्वोपरि माना जायेगा। फॉर्म 16 के आधार पर रिटर्न फाइल किया जा सकता है। करदाताओं की परेशाऩी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया था।


शरद कोहली के मुताबिक पांच चीजों की वजह से मिसमैच की संभावनाएं ज्यादा हो जाती है। जैसे किसी इप्लॉयर ने छूट न ली हो तो मिसमैच हो सकता है। अन्य आय से स्त्रोत न दिखाने पर मिसमैच संभव है। हाउसिंग लोन का ब्याज पूना नहीं दिखाया हो तब भी मिसमैच की संभावनाएं अधिक होती है। टैक्स की गलत जानकारी पर भी मिसमैच होता है। साथ ही असेसमेंट ईयर या पैन नंबर गलत लिखने पर भी मिसमैच की संभावनाएं अधिक बढ़ जाती है। ऐेसे टैक्सपयर्स मिसमैच होने पर भी रिटर्न भरें बाद में जांच होगी। इप्लॉयर से फॉर्म 20Q में सुधार करने के लिए कहें। अगर सैलरी नहीं है तो  फॉर्म 20Q में सुधार होगा। आईटी विभाग की ओर से करदाता जानकारी दी जाती है, जिसके बाद गलती को सुधारा जाता है।