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टैक्स गुरुः एनआरआई कैसे करें टैक्स की देनदारी

प्रकाशित Thu, 21, 2018 पर 15:03  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट अमिताभ सिंह की सलाह।


एनआरआई और टैक्स नियमों पर बात करते हुए अमिताभ सिंह ने कहा कि भारत में होनेवाली कमाई पर टैक्स लगता है। विदेश में बसनेवाले भारतीय एनआरआई कहलाते है। विदेश में कुछ समय के लिए जॉब के लिए जाने वाले भी एनआरआई कहलाते है। इससे सालाना आमदनी 2 देशों में बंट जाती है। एनआरआई को भारत से हुई कमाई का ब्यौरा ही रिटर्न में देना होगा। विदेश से हुई कमाई को रिटर्न में दिखाने की जरुरत नहीं है।


सवालः मैं एनआरआई हूं और 2016 से दक्षिण अफ्रीका में काम कर रहे है। इन्हें दोनों देशों में सैलरी मिलती है। दोनों के हिसाब से टैक्स भी चुका रहे है। मुझे डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट के बारे में पता चला है। तो क्या मुझे अपनी साउथ अफ्रीका की इनकम यहां के रिटर्न में दिखानी चाहिए। रिटर् के लिए किस फॉर्म का इस्तेमाल करें?


अमिताभ सिंहः  दक्षिण अफ्रीका से हुई कमाई पर भारत में टैक्स नहीं लगेगा। भारत में हुई कमाई पर एनआरआई टैक्स देना पड़ता है। विदेश में मिली सैलरी को रिटर्न में दिखाने की जरुरत नहीं है। डबल टैक्सेशम अवॉइडेंस एग्रीमेंट के नियम अलग-अलग है। एग्रीमेंट के तहत एक आय पर दोनो देशों में टैक्स नहीं कटता है। टैक्स कटने पर दूसरा देश रिफंड या एडजस्ट करें।