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टैक्स गुरुः कैसे उठाएं हाउस रेंट अलाउंस का फायदा

प्रकाशित Fri, 07, 2019 पर 15:26  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन।


बलवंत जैन का कहना है कि एचआरए का फायदा नौकरीपेशा ही ले सकते है। इप्लॉयर की ओर से एचआरए मिलना जरुरी है। अगर किराया दे रहे हैं तो ही एचआरए क्लेम कर सकेंगे। एचआरए क्लेम करने के लिए सीमा तय की गई है। कंपनी की ओर से मिले एचआरए को पूरा क्लेम कर सकते है। सैलरी के 10 फीसदी से ज्यादा किराया चुकाने पर क्लेम मिलेगा।


टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक मेट्रो शहर में सैलरी का 50 फीसदी और छोटे शहरों में सैलरी का 40 फीसदी तक एचआरए होना चाहिए। इप्लॉयर को रेंट एग्रीमेंट और रेंट रिसीप्ट देनी जरूरी है। 1 लाख रुपये से कम किराए पर मकान मालिक का पैन नंबर जरूरी नहीं है। इप्लॉयर की ओर से एचआरए की छूट नहीं मिली हो तो भी क्लेम कर सकते है। इप्लॉयर की ओर से फॉर्म 16 में एचआरए की छूट न मिली हो और आपके क्लेम करने पर नोटिस आ सकता है।


टैक्सपेयर्स एचआरए क्लेम करते वक्त ध्यान दें कि वह जिस मकान का किराया दे रहे हैं उसी पर एचआरए क्लेम कर सकते है। जिस शहर में नौकरी करते है, वहीं के किराए को क्लेम करें।