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जानें 31 मार्च का फंडा ताकि रिटर्न ना पड़े भारी

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं।
अपडेटेड Mar 15, 2018 पर 14:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट हिमांशु कुमार की सलाह।


31 मार्च, टैक्सपेयर्स के लिए यह आखिरी मौका है जब वह अपना 2 साल का रिटर्न भर सकते है। हिमांशु कुमार का कहना है कि 31 मार्च को 2 असेसमेंट ईयर पूरे हो जाएंगे। वित्त वर्ष 2015-2016 के रिटर्न फाइल करना बेहद जरूरी है। रिटर्न न भरने पर लोन के लिए आवेदन नहीं दे पाएगे। क्रेडिट कार्ड के आवेदन के लिए भी फॉर्म-16 की जरुरत है। दूसरे असेसमेंट ईयर के रिटर्न फाइल करने के लिए वक्त मिलेगा।


उनहोनें आगे बताया कि 1 अप्रैल से नए सेक्शन 234F की शुरूआत हो रही है। 31 दिसंबर के बाद देरी से रिटर्न भरने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगेगा। रिटर्न भरने में और देरी पर जुर्माने की रकम बढ़कर 10000 रुपये हो जायेगी। 5 लाख रुपये से कम आय होने पर 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। इसलिए जल्द से जल्द रिटर्न फाइल करने की जरुरत है। 31 मार्च के बाद आप रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। इनकम टैक्स विभाग से नोटिस मिल सकता है। जिसके बाद कई गुना ज्यादा जुर्माना पड़ सकता है।


सवालः जुलाई 2017 को नौकरी छोड़ी और कंपनी से करीब 13 लाख रुपये मिले। कंपनी ने टैक्स के तौर पर करीब 12 लाख रुपये काट लिए इसके अलावा आय का कोई दूसरा स्त्रोत नहीं है। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग से 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ। कुल आय से इस रकम को घटा सकते है या नहीं?


हिमांशु कुमार: मौजूदा नियमों के तहत आय पर टैक्स लगेगा। कैपिटल गेन्स का मुकसान कैपिटल गेन्स के मुनाफे से नियमित होगा। रिटर्न भरने वक्त फॉर्म में नुकसान की जानकारी जरूर दें। अगले 8 साल के भीतर कैपिटल गेन को नियमित किया जा सकता है। सैलरी में कैपिटल गेन्स का मुनाफा या घाचा एडजस्ट नहीं हो सकता है।


सवालः  इनकम टैक्स विभाग ने टैक्स ऑडिट से जुड़ा सवाल पूछा है। असेसमेंट ईयर 2016-2017 के लिए बचत खाते से हुई ब्याज आय का ब्यौरा रिटर्न में नहीं दिखाया। इस पर जुर्माना लगेगा और या फिर दोबारा रिटर्न भरने का मौका है?


हिमांशु कुमार: सेक्शन 143(1) के तहत इनकम टैक्स विभाग सूचित करता बै। रिटर्न भरने में गड़बड़ी के चलते विभाग जानकारी देता है। बचत खाते से हुई ब्याज आय पर सही ब्यौरा देना होगा। इनकम टैक्स विभाग के चक्कर काटने या संवाद की जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन कर रिवाइज्ड रिटर्न भरें।