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टैक्स गुरुः पेंशन और स्टैंडर्ड डिडक्शन, कितना फायदा

प्रकाशित Sat, 24, 2018 पर 15:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

टैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आम आदमी ही नहीं जानकार भी घबराने लगते हैं। कारण है कि आयकर कानूनों में इतने सारे पेंच है कि किसी के लिए भी इन्हें समझना टेढ़ी खीर साबित हो सकती है। इनकम टैक्स भरने का समय करीब आ रहा है जरुरी है कि आप इनसे जुड़े नियमों में बदलाव को जाने और समझें। ऐसे ही मौकों पर टैक्स गुरू अपनी जानकारी और अनुभव का खजाना लेकर आते हैं और करते हैं टैक्स से जुड़ी मुश्किलों को दूर। आज आपके टैक्स से जुड़े मुश्किल सवालों का जवाब देंगे टैक्स एक्सपर्ट बलवंत जैन की सलाह।


स्टैंडर्ड डिडक्शन से जुड़े कई सवाल टैक्स गुरु के पास पहुंच रहे है। हालांकि सैलरीड को निराशा जरुर हाथ लगी है। जिस उम्मीद में स्टैंडर्ड डिडक्शन को सैलरीड लोगों देख रहे था ऐसे कोई उम्मीद सफल नहीं रही। लेकिन हा एक स्टैंडर्ड डिडक्शन जरुर आया है जिसकी बारकी समझने की कोशिश करते है कि क्या नए नियम और क्या नई शर्तों का टैक्स पेयर्स को फॉलो करना है।


बलवंत जैन का कहना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन से 40,000 रुपये की फ्लैट छूट मिलेगी। कुल आय में से 40000 रुपये घटेंगे। पेंशनरों को भी स्टैंडर्ड डिडक्शन से फायदा मिलेगा। पुरानी कंपनी य़ा पीएफ पेंशन पर स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा। एंप्लॉयर के कर्मचारी के लिए खरीदे गए पेंशन प्लान पर भी फायदा मिलेगा। उन्होंने आगे बताया कि खुद खरीदी गई एनूईटी, एनपीएस की एनयूईटी पर स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं मिलेगा।


सवालः सीनियर सिटीजन है और निजी कंपनी से रिटायर हुए हैं। फिलहाल एक दूसरी निजी कंपनी में कंसलटेंट के तौर पर काम कर रहे है। क्या स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलेगा?


बलवंत जैनः सलाहकार की आय बिजनेस या प्रोफेशन हेड मानी जाएगी। कंसलटेंट की सैलरी अन्य स्त्रोत से आय भी मानी जा सकती है।